Skip to main content

7 मार्च से आयोजित होगी कॉन्स्टेबल भर्ती-2017 लिखित परीक्षा

जयपुर 26 फरवरी। पुलिस मुख्यालय द्वारा 5390 कॉन्स्टेबल सामान्य एवं कॉन्स्टेबल चालक पदो की लिखित परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है। कॉन्स्टेबल पदो के लिये लिखित परीक्षा आगामी 7 मार्च,2018 से लगभग 45 दिवस तक आयोजित की जायेगी।

पुलिस महानिरीक्षक पुलिस,मुख्यालय,राजस्थान, जयपुर श्री संजीब कुमार नार्जारी ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त पदो की लिखित ऑनलाईन (कम्प्यूटर आधारित) परीक्षा 07 मार्च,2018 से लगभग 45 दिवस तक जयपुर, जोधपुर, अजमेर, अलवर, बीकानेर, झुन्झुनू, कोटा, सीकर, गंगानगर एवं उदयपुर में तीन पारियों में आयोजित की जावेगी। इसके लिए अभ्यर्थी को एक घन्टा पहले प्रवेश पत्र में उल्लेखित परीक्षा केन्द्र पर उपस्थित होना अनिवार्य है। लिखित परीक्षा के ई-प्रवेश पत्र विभाग की वैबसाईट www.exampolice.rajasthan.gov.inपर सभी अभ्यर्थियों को 27 फरवरी,2018 से प्रथम प्रवेश पत्र उपलब्ध कराया जायेगा जिसमें अभ्यर्थी को परीक्षा की दिनांक एवं परीक्षा स्थान की सूचना होगी। 

http://www.rajasthanpolicerecruitment.com/images/rajasthan-police-logo.pngश्री नार्जारी ने बताया कि परीक्षार्थियों को उनकी निर्धारित परीक्षा की दिनांक से तीन दिन पूर्व द्वितीय प्रवेश पत्र उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें परीक्षार्थी को परीक्षा की दिनांक, परीक्षा की पारी एवं परीक्षा केन्द्र की सूचना उपलब्ध होगी। परीक्षार्थी को परीक्षा केन्द्र पर द्वितीय प्रवेश पत्र के साथ उपस्थित होना अनिवार्य होगा।

महानिरीक्षक पुलिस ने बताया कि प्रवेश पत्र वैबसाईट से प्राप्त करने की सूचना सम्बन्धित अभ्यर्थी को उनके द्वारा आवेदन पत्र में दिये गये मोबाईल नम्बर पर जरियेSMS अधिकृत फर्म द्वारा उपलब्ध करवाई जावेगी। अभ्यर्थियों के परीक्षा के लिये मोक टेस्ट की सुविधा अधिकृत फर्म द्वारा वैबसाईट पर उपलब्ध करवाई जायेगी। सम्बन्धित अभ्यर्थी लिखित परीक्षा के ई-प्रवेश पत्र एवं महत्वपूर्ण निर्देश अपनी SSO I.D./ Transaction No. एवं जन्म दिनांक अंकित कर डाउनलोड कर सकेगें। 

उन्होंनेे बताया कि प्रवेश पत्र वैबसाईट से प्राप्त करने की सूचना सम्बन्धित अभ्यर्थी को उनके द्वारा आवेदन पत्र में दिये गये मोबाईल नम्बर पर जरिये SMS अधिकृत फर्म द्वारा उपलब्ध करवाई जावेगी। अभ्यर्थियों कॉन्स्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा हेतु अभ्यर्थी को ई-प्रवेश पत्र के साथ स्वयं का आधार कार्ड, ई-आधार कार्ड, वोटर आई कार्ड, ड्राईविंग लाईसेन्स, पैन कार्ड अथवा पासपोर्ट में से एक मूल दस्तावेज लाना आवश्यक होगा।

श्री नार्जारी ने बताया कि अभ्यर्थी को बॉलपेन व पेन्सिल परीक्षा केन्द्र पर साथ लाना अनिवार्य है। इनके अतिरिक्त मोबाईल- ब्ल्यूटूथ, पर्स या कोई भी आपत्तिजनक सामग्री के साथ अभ्यर्थी को परीक्षा हेतु प्रवेश नही दिया जावेगा।

Comments

Popular posts from this blog

Aastha Scheme of Rajashan - आस्था योजना, राजस्थान Aasha Scheme of Rajashan

योजना का नाम-                 आस्था योजना     प्रारंभ होने का वर्ष-              2004-05   लाभान्वित वर्ग-        ऐसे परिवार जिनमें दो या दो से अधिक सदस्य ''40 प्रतिशत से अधिक विशेष योग्यजन (निःशक्त जन )'' है।    योजना के तहत देय लाभ-   आस्था योजना के अन्तर्गत आस्था कार्डधारी परिवार को बी.पी.एल. के समान सुविधाएं यथा-  निःशुल्क चिकित्सा,  राशन सामग्री,  इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत निशुल्क आवास इत्यादि।   पात्रता की शर्तें -   1. ऐसे परिवार जिनमें दो या दो से अधिक सदस्य 40 प्रतिशत से अधिक विशेष योग्यजन होने पर, उन परिवारों को आस्था कार्ड जारी किये जाते है।   2. परिवार की वार्षिक आय 1.20 लाख से अधिक नहीं है। वर्तमान में आस्था कार्डधारी परिवारों को राज्य सरकार के सभी संबंधित विभागों द्वारा BPL के लिये चलाई जा रही योजन...

How to do scientific farming of fennel - कैसे करें सौंफ की वैज्ञानिक खेती

औषधीय गुणों से भरपूर है सौंफ - प्राचीन काल से ही मसाला उत्पादन में भारत का अद्वितीय स्थान रहा है तथा 'मसालों की भूमि' के नाम से विश्वविख्यात है। इनके उत्पादन में राजस्थान की अग्रणी भूमिका हैं। इस समय देश में 1395560 हैक्टर क्षेत्रफल से 1233478 टन प्रमुख बीजीय मसालों का उत्पादन हो रहा है। प्रमुख बीजीय मसालों में जीरा, धनियां, सौंफ व मेथी को माना गया हैं। इनमें से धनिया व मेथी हमारे देश में ज्यादातर सभी जगह उगाए जाते है। जीरा खासकर पश्चिमी राजस्थान तथा उत्तर पश्चिमी गुजरात में एवं सौंफ मुख्यतः गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार तथा मध्य प्रदेश के कई इलाकों में उगाई जाती हैं। हमारे देश में वर्ष 2014-15 में सौंफ का कुल क्षेत्रफल 99723 हैक्टर तथा इसका उत्पादन लगभग 142995 टन है, प्रमुख बीजीय मसालों का उत्पादन व क्षेत्रफल इस प्रकार हैं। सौंफ एक अत्यंत उपयोगी पादप है। सौंफ का वैज्ञानिक नाम  Foeniculum vulgare होता है। सौंफ के दाने को साबुत अथवा पीसकर विभिन्न खाद्य पदार्थों जैसे सूप, अचार, मीट, सॉस, चाकलेट इत्यादि में सुगन्धित तथा रूचिकर बनाने में प्रयोग कि...

Kaun tha Hashmat Wala Raja Rao Maldev - कौन था हशमत वाला राजा राव मालदेव

राव मालदेव राठौड़ का इतिहास | History of Rao Maldev Rathod (मालदेओ राठौड़ इतिहास)   राव मालदेव का जन्म 5 दिसंबर 1511 को हुआ था । वह अपने पिता राव गांगा को मारकर 5 जून, 1532 को जोधपुर के राज्य सिंहासन पर आसीन हुए थे । इसलिए इसे पितृहंता शासक कहते हैं। जिस समय राव मालदेव ने गद्दी संभाली, उस समय दिल्ली के शासक मुगल बादशाह हुमायूँ थे । राव मालदेव की माँ का नाम रानी पद्मा कुमारी था जो सिरोही के देवड़ा शासक जगमाल की पुत्री थी । जैसलमेर के शासक राव लूणकरण की पुत्री उमादे से राव मालदेव का विवाह हुआ था । रानी उमादे विवाह की प्रथम रात्रि को ही अपने पति से रूठ गई और आजीवन उनसे रूठी रही । इस कारण उमादे इतिहास में ‘ रूठी रानी ‘ के नाम से प्रसिद्ध हो गई । राव मालदेव की मृत्यु होने पर रानी उमादे सती हो गई । मालदेव के राज्याभिषेक के समय जोधपुर और सोजत परगने ही उनके अधीन थे। वीर और महत्वाकांक्षी राव मालदेव ने शासन संभालते ही राज्य प्रसार का प्रसार करने पर ध्यान केंद्रित किया और जल्दी ही उन्होंने सींधल वीरा को परास्त कर भाद्राजूण पर अधिकार कर लिया। साथ ही फलौदी को जैसलमेर के भाटी शास...