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मिशन परिवार विकास परियोजना

परिवार कल्याण सेवाओं को प्रभावी बनाने हेतु मिशन परिवार विकास

   जयपुर, 26 दिसम्बर। परिवार कल्याण सेवाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने हेतु ‘मिशन परिवार विकास‘ परियोजना के तहत प्रदेश के 14 जिलों में विशेष कार्ययोजना बनाकर कुल प्रजनन दर सहित विभिन्न परिवार नियोजन मापदंड़ों में सुधार लाया जायेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा युनीसेफ, युएनएफपीए, निपी तथा पाथ फाईन्डर इत्यादि संगठनों के साथ चयनित जिलों में प्रभावी परिवार कल्याण गतिविधियां की जायेगी। मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने सोमवार को झालाना डूंगरी स्थित राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण केन्द्र में आयोजित ‘मिशन परिवार विकास‘ की आमुखीकरण कार्यशाला में यह जानकारी दी। 
  • ‘मिशन परिवार विकास‘ में शामिल 14 जिले  धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर व भरतपुर (भरतपुर संभाग), उदयपुर, डूंगरपुर, राजसमंद, बांसवाड़ा (उदयपुर संभाग), जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर, पाली व सिरोही (जोधपुर संभाग) एवं कोटा संभाग के बारां है।
  • केन्द्र द्वारा कुल प्रजनन दर मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्युदर अधिक वाले 14 जिलों को मिशन परिवार विकास में शामिल किया है। 
  • मिशन के तहत् इन जिलों में सभी प्रसव केन्द्रों पर पीपीआईयूसीडी, विशेष नसबंदी प्रोत्साहन राशि, परिवार नियोजन के साधन निरोध व गर्भनिरोधक गोलियां इत्यादि साधनों की सुलभ उपलब्धता एवं वर्ष पर्यन्त व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। 
  • स्वास्थ्यकार्मिकों के लिए विशेष परिवार कल्याण प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ ही जनजागरूकता हेतु ‘सारथी प्रचार रथ अभियान‘, ‘सास-बहू सम्मेलन‘ एवं नवदम्पतियों को ‘परिवार नियोजन‘ किट का आवंटन जैसी विशेष गतिविधियां आयोजित की जायेंगी।
  • मिशन के तहत् गर्भनिरोधक साधनों में ‘अंतरा‘ इंजेक्शन की 4 डोज लगाने की निशुल्क सुविधा मिलेगी। अंतरा इन्जेक्शन का उपयोग करने वाली महिला को एक साल की अवधि तक गर्भधारण रोकथाम के लिए अन्य किसी साधन का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं होगी। 
  • पाथ फाउन्डर तकनीकी पार्टनर के रूप में मिशन परिवार विकास में शामिल हो गया है एवं प्रदेश के पाली, सिरोही, बारां, सवाईमाधोपुर एवं भरतपुर जिलों में मिशन गतिविधियों में चिकित्सा विभाग को आवश्यक सहयोग करेेगा।

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