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MUKHYAMANTRI RAJSHREE SCHEME - मुख्यमंत्री राजश्री योजना

बेटियां घर की लक्ष्मी हैं लेकिन कई कारणों से बालिकाओं की जन्म दर कम रही है। बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने, उन्हें शिक्षित व सशक्त बनाने के लिए सरकार ने 1 जून 2016 से मुख्यमंत्री राजश्री योजना राज्य में शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य है कि बेटियों की जन्म दर बढ़े, बेटियों को अच्छी परवरिश मिले व बेटियां पढ़ लिखकर आगे बढ़ें। 
बजट घोषणा 2016-17 के अनुसार मुख्यमंत्री‬ ‪शुभलक्ष्मी‬ ‎योजना‬ का नाम बदलकर आज से मुख्यमंत्री ‪‎राजश्री‬ योजना हो गया। इसी के साथ ही इसमें लाभान्वित राशि भी 7400 रुपए से बढ़कर 50 हजार रुपए कर दी  गई। शुभलक्ष्मी योजना में सरकार सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाली बेटी को 2100 रुपए की आर्थिक सहायता देती थी तथा योजना के तहत समय-समय पर मां-बेटी को 7400 रुपए तक की आर्थिक सहायता देने का भी प्रावधान था। शुभलक्ष्मी योजना 1 अप्रैल 2013 से संचालित थी जो अब राजश्री योजना हो गयी है।
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने शुभलक्ष्मी योजना का नाम बदलने के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी 50 हजार रुपए कर दी है एवं इसका लाभ 1 जून से सरकारी अस्पतालों तथा जेएसवाई द्वारा अधिस्वीकृत निजी अस्पतालों में जन्म लेने वाली बेटियों को मिलना प्रारंभ हुआ। इस योजना में उन बेटियों को शिक्षा के लिए 50 हजार रुपए दिए जाएंगे, जिनका जन्म सरकारी अस्पताल में हुआ है। यह राशि 12वीं तक पढ़ाई पूरी करने तक मिलेगी।

विभिन्न चरणों में बालिका के अभिवावकों को आर्थिक सहायता

बालिका के जन्म से लेकर कक्षा 12वीं तक बेटी की पढ़ाई, स्वास्थ्य व देखभाल के लिए अभिभावक को 50,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। 
ये राशि निम्न चरणों में दी जाती है।
  • बेटी के जन्म के समय 2500 रुपये
  • एक वर्ष का टीकाकरण होने पर 2500 रुपये
  • पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर 4000 रुपये
  • कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर 5000 रुपये
  • कक्षा 10 में प्रवेश लेने पर 11000 रुपये
  • कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर 25000 रुपये


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