Skip to main content

Rajasthan Current Affairs
एशिया का सबसे बड़ा साहित्य महोत्सव "जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल" 20 से 24 जनवरी 2012 तक आयोजित

एशिया के सबसे बड़े एवं दुनिया से प्रमुख पाँच साहित्य महोत्सव में से एक जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन 20 से 24 जनवरी 2012 तक जयपुर के डिग्गी पैलेस में किया गया। इस उत्सव का उद्घाटन भूटान की महारानी असी दोरजी वांग्मो वांग्चुक ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उद्घाटन समारोह में शायर गुलजार, गायिका इला अरुण, सीडी देवल एवं साहित्य के कई प्रमुख हस्ताक्षर, बॉलीवुड व विविध क्षेत्रों की हस्तियां उपस्थित थी। उद्घाटन समारोह में भक्ति गीत पर आलोचक पुरुषोत्तम अग्रवाल एवं लेखक अरविंद कृष्ण मल्होत्रा के व्याख्यान हुए। इस समारोह में शायर गुलजार, अशोक चक्रधर, प्रसून जोशी, फिल्मकार राहुल बोस व प्रकाश झा, अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा, मशहूर गीतकार जावेद अख्तर, प्रसिद्ध कवि अशोक वाजयेपी, मशहूर पत्रकार तरूण तेजपाल, अमरीकी टॉक शो होस्ट ओपरा विनफ्रे, केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री शशि थरूर, लेखक चेतन भगत सहित देश विदेश की लगभग 250 प्रमुख हस्तियां पांच दिन तक इस फेस्टीवल में सम्मिलित हुई।
अनेक हस्तियों की उपस्थिति में फेस्टिवल में साहित्य से संबंधित कई सेशन हुए जिनमें साहित्य, साहित्य की आकांक्षा, साहित्य का दर्पण, उसके लिखे जाने की प्रासंगिकता, कहानी, फिल्म, सोशल इश्यूज आदि विभिन्न मुद्दों पर प्रस्तुतिकरण और साहित्यिक चर्चा हुई। यह महोत्सव विवादित लेखक सलमान रुश्दी के इस महोत्सव में सुरक्षा कारणों से भाग न ले पाने लिए भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विवादों के घेरे में रहा। लेखक सलमान रुश्दी की प्रतिबंधित किताब "सेटेनिक वर्सेज" के अंश पढ़ने का विवाद इस महोत्सव के दौरान जयपुर की अधीनस्थ अदालत तक भी पहुंच गया। इसके अलावा सलमान रुश्दी के न आने के कारण आयोजकों ने उनकी वीडियो कांफ्रेंस का आयोजन करना प्रस्तावित भी किया था किंतु कुछ लोगों के विरोध के कारण उपजे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे भी निरस्त करना पड़ा।


सीकर की फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्नेहा शेखावत ने रचा इतिहास

दिल्ली के राजपथ पर 26 जनवरी 2012 को 63वें गणतंत्र दिवस समारोह में वायुसेना की परेड का नेतृत्व हरदास का बास (सीकर) की मूल निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्नेहा शेखावत ने किया।
विशेष बात यह है कि वे ऐसा करने वाली वायुसेना की प्रथम महिला अफसर बन गईं। वे अभी हिंडन एयरफोर्स पर तैनात हैं। फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्नेहा शेखावत के पिता महावीर सिंह गुजरात के राज्यपाल कार्यालय में सचिव हैं। स्नेहा का जन्म 28 अप्रैल 1986 को हुआ तथा उन्होंने सीनियर सेकंडरी तक गुजरात में अध्ययन किया। जोधपुर से बीएससी करने के उपरांत इनका चयन वर्ष 2007 में एनडीए में हुआ। और वे पायलट बन गई। स्नेहा शेखावत पायलट बनने वाली राजस्थान की द्वितीय महिला है। प्रतिभा की धनी शेखावत को हैदराबाद ट्रेनिंग सेंटर में सर्वश्रेष्ठ महिला पायलट का पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। उन्होंने अपनी ट्रेनिंग की पास आउट परेड में भी महिला-पुरुष संयुक्त दल का नेतृत्व किया था। स्नेहा वर्ष 2011 की गणतंत्र परेड में भी सैकंड कमांडर रही थी।


राजस्थान राजस्व मंडल की अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी हूजा राज्य स्तर पर सम्मानित

राजस्थान राजस्व मंडल की अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी हूजा को गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल शिवराज पाटिल द्वारा हूजा को प्रशस्ति पत्र एवं नकद पुरस्कार प्रदान सम्मानित किया गया। मीनाक्षी हूजा को यह पुरस्कार उनके द्वारा लिखी पुस्तक ‘आउट पोरिंग्स-पोइटिक एक्सप्रेशंस’ के लिए प्रदान किया गया है।
इससे पहले श्रीमती हूजा को वर्ष 2004 में राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में उनके द्वारा लिखी हिंदी कविता ‘कह ना सकूं जो रूबरू’ के लिए भी सम्मानित किया गया था।
वर्ष 2009 में उन्हें ‘एक्सीलेंस एन वर्ल्ड पोएट्री अवार्ड’ से इंटरनेशनल पोएट्स एकेडमी चेन्नई द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। भारतीय प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी श्रीमती हूजा विगत 25 वर्ष से हिंदी व अंग्रेजी में कविता लेखन कर रही हैं।


राजस्थान हाईकोर्ट से एसएमएस के जरिए मिलेगी केस की जानकारी

राजस्थान हाईकोर्ट में पक्षकार व अधिवक्ता केस स्टेटस की जानकारी मोबाइल से एसएमएस कर ले सकेंगे। यह जानकारी फाइल नंबर व केस नंबर के आधार पर मिलेगी।

फाइल नंबर से जानकारी के लिए इस प्रकार करना होगा एसएमएस-

1. जोधपुर मुख्यपीठ के मुकदमों की जानकारी के लिए यह लिखकर 56787 पर एसएमएस करना होगा-
FP+Filing year (yyyy)+case type+filing no

2. जयपुर पीठ के मुकदमों की जानकारी के लिए यह लिखकर एसएमएस 56767 पर करना होगा-
FB+Filing year (yyyy)+case type+ filing no

केस नंबर के आधार पर जानकारी के लिए यह एसएमएस करना होगा-

1. जोधपुर मुख्य पीठ के लिए 56787 पर एसएमएस करें-
CP+Filing year (yyyy)+case type+ filing no

2. जयपुर पीठ के लिए 56767 पर एसएमएस करें-
CB+Filing year (yyyy)+case type+filing no

Comments

  1. 20-24 JANUARY 2012 H YA 2011

    ReplyDelete
  2. हा हा हा। चंदर जी, वही गलती हो गई। वर्ष बदलने के बाद भी कुछ दिन तक हम भूलवश पिछले वर्ष का सन् ही लिखते रहते हैं। यह भूल सुधार ली गई है।

    ReplyDelete

Post a Comment

Your comments are precious. Please give your suggestion for betterment of this blog. Thank you so much for visiting here and express feelings
आपकी टिप्पणियाँ बहुमूल्य हैं, कृपया अपने सुझाव अवश्य दें.. यहां पधारने तथा भाव प्रकट करने का बहुत बहुत आभार

Popular posts from this blog

Kaun tha Hashmat Wala Raja Rao Maldev - कौन था हशमत वाला राजा राव मालदेव

राव मालदेव राठौड़ का इतिहास | History of Rao Maldev Rathod (मालदेओ राठौड़ इतिहास)   राव मालदेव का जन्म 5 दिसंबर 1511 को हुआ था । वह अपने पिता राव गांगा को मारकर 5 जून, 1532 को जोधपुर के राज्य सिंहासन पर आसीन हुए थे । इसलिए इसे पितृहंता शासक कहते हैं। जिस समय राव मालदेव ने गद्दी संभाली, उस समय दिल्ली के शासक मुगल बादशाह हुमायूँ थे । राव मालदेव की माँ का नाम रानी पद्मा कुमारी था जो सिरोही के देवड़ा शासक जगमाल की पुत्री थी । जैसलमेर के शासक राव लूणकरण की पुत्री उमादे से राव मालदेव का विवाह हुआ था । रानी उमादे विवाह की प्रथम रात्रि को ही अपने पति से रूठ गई और आजीवन उनसे रूठी रही । इस कारण उमादे इतिहास में ‘ रूठी रानी ‘ के नाम से प्रसिद्ध हो गई । राव मालदेव की मृत्यु होने पर रानी उमादे सती हो गई । मालदेव के राज्याभिषेक के समय जोधपुर और सोजत परगने ही उनके अधीन थे। वीर और महत्वाकांक्षी राव मालदेव ने शासन संभालते ही राज्य प्रसार का प्रसार करने पर ध्यान केंद्रित किया और जल्दी ही उन्होंने सींधल वीरा को परास्त कर भाद्राजूण पर अधिकार कर लिया। साथ ही फलौदी को जैसलमेर के भाटी शास...

How to do scientific farming of fennel - कैसे करें सौंफ की वैज्ञानिक खेती

औषधीय गुणों से भरपूर है सौंफ - प्राचीन काल से ही मसाला उत्पादन में भारत का अद्वितीय स्थान रहा है तथा 'मसालों की भूमि' के नाम से विश्वविख्यात है। इनके उत्पादन में राजस्थान की अग्रणी भूमिका हैं। इस समय देश में 1395560 हैक्टर क्षेत्रफल से 1233478 टन प्रमुख बीजीय मसालों का उत्पादन हो रहा है। प्रमुख बीजीय मसालों में जीरा, धनियां, सौंफ व मेथी को माना गया हैं। इनमें से धनिया व मेथी हमारे देश में ज्यादातर सभी जगह उगाए जाते है। जीरा खासकर पश्चिमी राजस्थान तथा उत्तर पश्चिमी गुजरात में एवं सौंफ मुख्यतः गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार तथा मध्य प्रदेश के कई इलाकों में उगाई जाती हैं। हमारे देश में वर्ष 2014-15 में सौंफ का कुल क्षेत्रफल 99723 हैक्टर तथा इसका उत्पादन लगभग 142995 टन है, प्रमुख बीजीय मसालों का उत्पादन व क्षेत्रफल इस प्रकार हैं। सौंफ एक अत्यंत उपयोगी पादप है। सौंफ का वैज्ञानिक नाम  Foeniculum vulgare होता है। सौंफ के दाने को साबुत अथवा पीसकर विभिन्न खाद्य पदार्थों जैसे सूप, अचार, मीट, सॉस, चाकलेट इत्यादि में सुगन्धित तथा रूचिकर बनाने में प्रयोग कि...

Vedic Period - Early Vedic Society वैदिक काल- प्रारम्भिक वैदिक समाज

प्रारम्भिक वैदिक समाज Vedic Period - Early Vedic Society प्रारम्भिक वैदिक समाज कबीलाई समाज था तथा वह जातीय एवं पारिवारिक संबंधों पर आधारित था। प्रारम्भिक वैदिक समाज जाति के आधार पर विभाजित नहीं था एवं विभिन्न व्यावसायिक समूह अर्थात् मुखिया, पुरोहित, कारीगर आदि एक ही जन समुदाय के हिस्से थे। प्रारम्भिक वैदिक समाज में कबीले के लिए ‘जन’’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता था और ऋग्वेद में विभिन्न जन का उल्लेख है। विभिन्न कबीलों में पारस्परिक संघर्ष सामान्य थे, जैसे ऋग्वेद में ‘‘दशराज युद्ध’’ का वर्णन हुआ है और इसी युद्ध के वर्णन से हमें कुछ कबीलों के नाम प्राप्त होते हैं जैसे भरत, पुरु, यदु, द्रहयु, अनू और तुरवासू। प्रारम्भिक वैदिक समाज में कबीलों के युद्ध जैसे कि पहले भी कहा गया है पशुओं के अपरहय एवं पशुओं की चोरी को लेकर होते रहते थे। ‘‘राजा’’ या ‘‘गोपति’’- कबीले का मुखिया ‘‘राजा’’ या ‘‘गोपति’’ होता था। वह युद्ध में नेता तथा कबीले का रक्षक था। ‘‘राजा’’ या ‘‘गोपति’’ का पद अन्य व्यावसायिक समूहों की भांति ही पैतृक नहीं था बल्कि उसका जन के सदस्यों में से चुनाव होता था। ‘राजन्य’- योद्धा को ‘राजन्य’ क...