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आईआईटी जोधपुर की युवा वैज्ञानिक डॉ. रितु गुप्ता को विज्ञान में महिला उत्कृष्टता पुरस्कार 2021

महिलाओं और लड़कियों के अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर विज्ञान में महिला उत्कृष्टता पुरस्कार 2021 की घोषणा की

राष्ट्रीय विज्ञान अकादमियों की चार युवा महिलाओं को महिलाओं और लड़कियों के अंतर्राष्ट्रीय दिवस-2021 (International Day of Women and Girls in Science) पर विज्ञान और अभियांत्रिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए SERB Women Excellence Award in Science 2021 से सम्मानित किया गया है। ये युवा महिला वैज्ञानिक निम्न हैं-

  1.  डॉ. रितु गुप्ता-

    आईआईटी जोधपुर की युवा वैज्ञानिक डॉ. रितु गुप्ता को विज्ञान में महिला उत्कृष्टता पुरस्कार 2021

    डॉ. रितु गुप्ता भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, आईआईटी जोधपुर, राजस्थान में रसायन विज्ञान में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं और वे इन मैटिरियल्स साइंस, नैनोडेविसेस एंड सेंसर्स, हेल्थ एंड एनर्जी में विशेषज्ञता के साथ काम कर रही हैं। डॉ गुप्ता ने ऊर्जा, पानी, पर्यावरण और स्वास्थ्य से संबंधित क्षेत्र में डिवाइस विकसित करने की दिशा में कई अनुसंधान किए हैं। उन्होंने नैनो मेटेरियल के संश्लेषण से ऊर्जा संरक्षण डिवाइस, सोलर सेल, पर्यावरण में वायु की गुणवत्ता मापने के लिए स्मार्ट सेंसर और स्वास्थ्य मानकों के सेंसर विकसित करने में सफलता प्राप्त की है।

  2. डॉ. अंतरा बैनर्जी -

    साइंटिस्ट बी नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन रिप्रोडक्टिव हेल्थ, मुंबई की डॉ. अंतरा बैनर्जी ने महाराष्ट्र हेल्थ साइंसेज क्षेत्र से सिग्नल ट्रांसडक्शन, बायोलॉजी ऑफ रिप्रोडक्शन एंड एंडोक्रिनोलॉजी में विशेषज्ञता हासिल की है। 

  3. डॉ. सोनू गांधी-

    डॉ. सोनू गांधी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल बायोटेक्नोलॉजी, हैदराबाद में साइंटिस्ट डी हैं और वे बायनोटेक्नोलॉजी क्षेत्र से हैं। उन्होने नैनो-सेंसर, फ़ोकस-फ़ेब्रेशन ऑफ़ लेबल-फ्री बायोसेंसर में काम किया है। 

  4. डॉ. शोभना कपूर--

    भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बम्बई की सहायक प्रोफेसर, डॉ. शोभना कपूर ने 'होस्ट-पैथोजन इंटरैक्शन एंड मेम्ब्रेन बायोलॉजी, केमिकल बायोलॉजी एंड बायोलॉजी' में विशेषज्ञता के साथ केमिकल बायोलॉजी के क्षेत्र में काम किया है।

क्या है महिला उत्कृष्टता पुरस्कार (SERB Women Excellence Award in Science 2021) -

  • यह पुरस्कार विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक सांविधिक निकाय, विज्ञान और अभियांत्रिकी परिषद (SERB) द्वारा दिया जाता है।
  • विज्ञान और अभियांत्रिकी के प्रमुख क्षेत्रों में बुनियादी अनुसंधान का समर्थन करने वाला पुरस्कार, वर्ष 2013 में शुरू किया गया था। 
  • यह 40 वर्ष से कम आयु की महिला वैज्ञानिकों को प्रदान किया जाने वाला पुरस्कार है। 
  • यह पुरस्कार किसी एक या अधिक राष्ट्रीय अकादमियों जैसे यंग साइंटिस्ट मेडल, यंग एसोसिएटशिप, आदि से मान्यता प्राप्त करने वाली महिला वैज्ञानिकों को प्रदान किया जाता है।
  • विज्ञान और अभियांत्रिकी अनुसंधान परिषद-SERB महिला उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त करने वाली पुरस्कार विजेताओं को अपने शोध विचारों को आगे बढ़ाने के लिए तीन साल की अवधि के लिए 15 लाख रुपये का अनुदान प्रदान करता है। 
  • पुरस्कार के लिए www.serbonline.in के माध्यम से हर साल आवेदन प्राप्त किये जाते हैं।

क्या है महिलाओं और लड़कियों के अंतर्राष्ट्रीय दिवस International Day of Women and Girls in Science 2021-

  • विश्व भर में 11 फरवरी को विज्ञान में महिलाओं और बालिकाओं का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। 

  • वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा 11 फरवरी को विज्ञान में महिलाओं और बालिकाओं का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने के तौर पर अपनाया गया था।

  • ये दिन विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में महिलाओं और बालिकाओं की समान सहभागिता और भागीदारी सुनिश्चित करने और इन क्षेत्रों में कार्य कर रही महिलाओं और बालिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। 

  • International Day of Women and Girls in Science दिन को पहली बार 2016 में विश्व स्तर पर मनाया गया था।

  • International Day of Women and Girls in Science 2021: विज्ञान में महिलाओं और बालिकाओं का अंतर्राष्ट्रीय दिवस-को विश्व स्तर पर मनाए जाने का उद्देश्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं और बालिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को चिन्हित करना है।
    2021 के लिए इस दिवस का विषय है: “Women Scientists at the forefront of the fight against COVID-19”

यह भी है वजह -

विज्ञान में महिलाओं और बालिकाओं का अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day of Women and Girls in Science) के इस दिन को मनाये जाने की वजह एक रिसर्च भी रही है। 14 देशों में कराए गए एक अध्ययन से पता चला कि विज्ञान से जुड़े क्षेत्र में बैचलर्स डिग्री, मास्टर्स डिग्री और डॉक्टर्स डिग्री करने वाली महिला छात्राओं का प्रतिशत 18, 8 और 2 है, जबकि पुरुष छात्रों का प्रतिशत 37,18 और 6 है। यूनेस्को के आंकड़ों के (वर्ष 2014-16) के अनुसार, लगभग 30 प्रतिशत महिलाएं उच्च शिक्षा में एसटीईएम (STEM : Science, Technology Engineering and Mathematics) से संबंधित क्षेत्रों का चयन करती हैं। इस क्षेत्र में महिलाएं और बालिकाएं भी आगे बढ़ सके इसलिए इस दिन को मनाया जाता है।

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