Skip to main content

ट्राइब्‍स इंडिया का ‘गो ट्राइबल कैंपेन’ एवं 'ट्राइब्‍स इंडिया' आरंभ

 

ट्राइब्‍स इंडिया का ‘गो ट्राइबल कैंपेन’ एवं 'ट्राइब्‍स इंडिया' आरंभ -

जनजातीय राज्‍य मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह ने कल रात नई दिल्‍ली में एक रंगारंग समारोह में ट्राइब्‍स इंडिया के ‘’गो ट्राइबल कैंपेन’’ आरंभ किया। इस अभियान को जनजातीय उत्‍पादों के उपयोग को व्‍यापक रूप से बढ़ाने के लिए आरंभ किया गया है। मंत्री ने आज के समारोह में अमेजन ग्‍लोबल सेलिंग के माध्‍यम से वैश्विक रूप से ‘’ट्राइब्‍स इंडिया’’ भी आरंभ किया। समारोह में ट्राईफेड के अध्‍यक्ष श्री आर सी मीणा, जनजातीय मामले मंत्री श्री दीपक खांडेकर एवं ट्रिफेड के प्रबंध निदेशक श्री प्रवीर कृष्‍णा भी उपस्थित थे।
ट्राइफेड एवं अमेजन के बीच संयुक्‍त करार से जनजातीय उत्‍पाद लगभग 190 देशों में उपलब्‍ध होंगे और विश्‍व भर में जनजातीय उत्‍पादों के निर्यात बाजार की स्‍थापना में सहायक होंगे।

ट्राइफेड ने इस समारोह का आयोजन जनजातीय उत्‍पादों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्‍न संगठनों के साथ करारों एवं साझेदारियों को संस्‍थागत बनाने के लिए किया है। इस समारोह के महत्‍वपूर्ण कार्यकलापों की विशेषताएं निम्‍नलिखित थीं :

  1. ट्राइब्स इंडिया ने ‘गो ट्राइबल अभियान’ आयोजित किया है। जनजातीय हस्तशिल्प और प्राकृतिक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कई नई गतिविधियों का आयोजन किया गया है।
  2. अमेजन के साथ किये गए समझौते के अंतर्गत ट्राइब्स इंडिया और अमेजन ग्लोबल मार्केटिंग, ट्राइब्स इंडिया उत्पादों को Amazon.com के जरिये विश्व स्तर पर लांच किया गया। इसके तहत जनजातीय उत्‍पाद अमेरीका में उपलब्‍ध होंगे।
  3. जनजातीय रेशम उत्पादों के विकास, संवर्धन व विक्रय और जनजातीय बुनकरों के सशक्तिकरण के लिए ट्राइब्स इंडिया केंद्रीय रेशम बोर्ड के साथ समझौता।
  4. महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समारोह के अंतर्गत ट्राइफेड ने खादी कुर्ता और जैकेट लांच किया है। इसके लिए ‘आई एम’ खादी फाउंडेशन के साथ समझौता किया गया है।
इसके साथ ही फैशन परिधान की एक नई श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी। देश के विभिन्न हिस्सों के जनजातियों द्वारा उत्पादित मडुआ, ज्वार, बाजरा, लाल चावल, शहद, लाख के उत्पाद, मसाले, कॉफी, चाय,हस्तनिर्मित साबुन आदि उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है।

क्या है ट्राइफेड

  • ट्राइफेड जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत एक संगठन है जो ट्राइब्स इंडिया ब्रांड के तहत जनजातीय कला व हस्तशिल्प समेत जनजातीय उत्पादों के विक्रय व विकास का कार्य करती है।
  • TRIFED का पूरा नाम “द ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया” है।
  • ट्राइफेड 1987 में स्थापित किया गया था तथा इसने अप्रैल 1988 से अपना काम प्रारम्भ किया था।
  • ट्राइफेड का मूल उद्देश्य आदिवासी जनजाति लोगों द्वारा जंगल से एकत्र किये गए तथा इनके द्वारा बनाये गए उत्पादों को बाजार में सही दामों पर बिकवाने की व्यवस्था करना है। इसका उद्देश्य जनजातियों द्वारा एकत्र किए गए 'माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस (एमएफपी) को उचित मूल्य उपलब्ध कराना भी है ताकि उनकी आय बढ़ सके।
  • ट्राइफेड के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों के आदिवासी नई दिल्ली के प्रगति मैदान में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले व्यापार मेले में अपने उत्पाद बेचते हैं। इसके अलावा इसके द्वारा आदिवासी उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष आदिवासी क्राफ्ट मेलों का आयोजन भी किया जाता है। 
  • ट्राइफेड द्वारा जनजातियों को उनके उत्पादों के मूल्य संवर्धन (value addition to their products) के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण भी दिया जाता है। 
  • पांच बार की विश्व चैंपियन मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ट्राइब्स इंडिया की ब्रांड एंबेस्डर है। 
  • ट्राइफेड का रजिस्टर्ड हेड ऑफिस नई दिल्ली में है तथा इसका देश के विभिन्न भागों में 13 क्षेत्रीय कार्यालयों का बड़ा नेटवर्क है। 
  • ट्राइब्स इंडिया पोर्टल tribes India portal निम्न जिस पर जनजातीय उत्पाद ऑनलाइन  विक्रय किये जाते हैं - 







https://www.tribesindia.com/
ट्राइब्‍स इंडिया पोर्टल

https://www.tribesindia.com/wp-content/uploads/2019/06/traditional-cotton-jaipuri-art-work-sling-bag-pouch-for-women-original-imaf5gncyem5fphh-714x250.jpeg 


ट्राइफेड के देश भर में कुल निम्नांकित २९ एम्पोरियम आउटलेट हैं  -

1     TRIBES INDIA, Shop No. 19 & 20, Ahmedabad Haat, Near Vastrapur Lake, Ahmedabad, Surat-395001 (Gujrat)
2     TRIBES INDIA Shop, 4th Floor Kanchanjangha Shopping Complex, Lall Market, Gangtok-737101 (Sikkim)   
3     TRIBES INDIA, Hayden Hall Institute, 42 La Denla Road, Darjeeling-734101   (West Bengal)   
4     TRIBES INDIA , Ratna Bhawan Above Capitol Cinema Hall Darjeeling-734101 (West Bengal)
5     TRIBES INDIA, 9 Mahadev Road, New Delhi (Delhi)   
6     TRIBES INDIA, Gallery No.2, Rajiv Gandhi Handicraft Bhawan, New Delhi (Delhi)   
7     TRIBES INDIA, Hall No.2, Dilli Haat, INA, New Delhi (Delhi)   
8     TRIBES INDIA, North Central Zone Cultural Central, 14 C.S.P Singh Marg, Allahabad (Uttar Pradesh)   
9     TRIBES INDIA, 65-D, Rajpur Road, Dehradun (Uttarakhand)   
10     TRIBES INDIA, Kulri Post Office, The Mall, Mussorie, Dehradun (Uttarakhand)   
11     TRIBES INDIA,  Near Onkarananda Ashram, BSNL Exchange, Rishikesh, Dist. Pauri Garhwal (Uttarakhand)
12     TRIBES INDIA,  Opp. Saba Restaurant, The Mall, Manali, Dist.(Kullu) (Himachal Pradesh)   
13     TRIIBES INDIA, Shop no.17 A & B, Cooptex exhibition ground, 350 Pantheon Road, Egmore, Chennai-600008 (Tamil Nadu)   
14     TRIBES INDIA,  The Palace Chail, Dist.(Solan) (Himachal Pradesh)   
15     TRIBES INDIA, Shop No.H-54, Sainik Market, Main Road, Ranchi-834001 (Jharkhand)     
16     TRIBES INDIA, Shop No.14-15, Inner Court, GTB Complex, TT Nagar, Bhopal (Madhya Pradesh)
17     TRIBES INDIA, Mrignayani Showroom, Krishnapura, 165 MG Road, Indore (Madhya Pradesh)
18     TRIBES INDIA, Shop No.3 Metro Walk, Bittan Market, Bhopal (MADHYA PRADESH)   
19     TRIBES INDIA, Panjabari Road, Panjabari, Near Srimanta Sankaradeva Kalakshetra, Guwahati (Assam)   
20     TRIBES INDIA, Kamdhenu Building, Sonepati Bapat Marg, Near Bank of Baroda, Pune-411016 (Maharashtra)
21     TRIBES INDIA, M/s GCC Ltd. Premises, East Point Colony, Chinawaltair, Opp:Vuda Park, Vishakhapatnam-530017   
22     TRIBES INDIA, MI Road, Rajasthanli, Jaipur (Rajasthan)     Smt. Chet Ram Meena Phone: 141-2369962
23     TRIBES INDIA, Shop No. 5, 1 st. Floor,BDA Complex, Koramangla, Bangaluru-. 560034 (Karnataka)   
24     TRIBES INDIA, Head Post Office Building, Ridsdale Road, Fort Kochi- 682001 (Kerala)   
25     TRIBES INDIA, Tamilnadu Agricultural University, (TNAU) campus,Coimbatore-641 003 (Tamil Nadu)   
26     TRIBES INDIA, Tamilnadu Tourism office building, Gandhi Mandapam road, Kanyakumari   
27     TRIBES INDIA,  Shop No. LN01, Office of Divisional Head, Urban Haat Division, IDCO, Exhibition Ground, Unit- III, Bhubneshwar
28     TRIBES INDIA, Shop No- F-36, Madhusudhan Marg, Near Railway Station Square, Rourkela, Odisha.
29     TRIBES INDIA, Tallital Post Office, Nainital, Uttrakhand

Comments

Popular posts from this blog

Kaun tha Hashmat Wala Raja Rao Maldev - कौन था हशमत वाला राजा राव मालदेव

राव मालदेव राठौड़ का इतिहास | History of Rao Maldev Rathod (मालदेओ राठौड़ इतिहास)   राव मालदेव का जन्म 5 दिसंबर 1511 को हुआ था । वह अपने पिता राव गांगा को मारकर 5 जून, 1532 को जोधपुर के राज्य सिंहासन पर आसीन हुए थे । इसलिए इसे पितृहंता शासक कहते हैं। जिस समय राव मालदेव ने गद्दी संभाली, उस समय दिल्ली के शासक मुगल बादशाह हुमायूँ थे । राव मालदेव की माँ का नाम रानी पद्मा कुमारी था जो सिरोही के देवड़ा शासक जगमाल की पुत्री थी । जैसलमेर के शासक राव लूणकरण की पुत्री उमादे से राव मालदेव का विवाह हुआ था । रानी उमादे विवाह की प्रथम रात्रि को ही अपने पति से रूठ गई और आजीवन उनसे रूठी रही । इस कारण उमादे इतिहास में ‘ रूठी रानी ‘ के नाम से प्रसिद्ध हो गई । राव मालदेव की मृत्यु होने पर रानी उमादे सती हो गई । मालदेव के राज्याभिषेक के समय जोधपुर और सोजत परगने ही उनके अधीन थे। वीर और महत्वाकांक्षी राव मालदेव ने शासन संभालते ही राज्य प्रसार का प्रसार करने पर ध्यान केंद्रित किया और जल्दी ही उन्होंने सींधल वीरा को परास्त कर भाद्राजूण पर अधिकार कर लिया। साथ ही फलौदी को जैसलमेर के भाटी शास...

How to do scientific farming of fennel - कैसे करें सौंफ की वैज्ञानिक खेती

औषधीय गुणों से भरपूर है सौंफ - प्राचीन काल से ही मसाला उत्पादन में भारत का अद्वितीय स्थान रहा है तथा 'मसालों की भूमि' के नाम से विश्वविख्यात है। इनके उत्पादन में राजस्थान की अग्रणी भूमिका हैं। इस समय देश में 1395560 हैक्टर क्षेत्रफल से 1233478 टन प्रमुख बीजीय मसालों का उत्पादन हो रहा है। प्रमुख बीजीय मसालों में जीरा, धनियां, सौंफ व मेथी को माना गया हैं। इनमें से धनिया व मेथी हमारे देश में ज्यादातर सभी जगह उगाए जाते है। जीरा खासकर पश्चिमी राजस्थान तथा उत्तर पश्चिमी गुजरात में एवं सौंफ मुख्यतः गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार तथा मध्य प्रदेश के कई इलाकों में उगाई जाती हैं। हमारे देश में वर्ष 2014-15 में सौंफ का कुल क्षेत्रफल 99723 हैक्टर तथा इसका उत्पादन लगभग 142995 टन है, प्रमुख बीजीय मसालों का उत्पादन व क्षेत्रफल इस प्रकार हैं। सौंफ एक अत्यंत उपयोगी पादप है। सौंफ का वैज्ञानिक नाम  Foeniculum vulgare होता है। सौंफ के दाने को साबुत अथवा पीसकर विभिन्न खाद्य पदार्थों जैसे सूप, अचार, मीट, सॉस, चाकलेट इत्यादि में सुगन्धित तथा रूचिकर बनाने में प्रयोग कि...

Vedic Period - Early Vedic Society वैदिक काल- प्रारम्भिक वैदिक समाज

प्रारम्भिक वैदिक समाज Vedic Period - Early Vedic Society प्रारम्भिक वैदिक समाज कबीलाई समाज था तथा वह जातीय एवं पारिवारिक संबंधों पर आधारित था। प्रारम्भिक वैदिक समाज जाति के आधार पर विभाजित नहीं था एवं विभिन्न व्यावसायिक समूह अर्थात् मुखिया, पुरोहित, कारीगर आदि एक ही जन समुदाय के हिस्से थे। प्रारम्भिक वैदिक समाज में कबीले के लिए ‘जन’’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता था और ऋग्वेद में विभिन्न जन का उल्लेख है। विभिन्न कबीलों में पारस्परिक संघर्ष सामान्य थे, जैसे ऋग्वेद में ‘‘दशराज युद्ध’’ का वर्णन हुआ है और इसी युद्ध के वर्णन से हमें कुछ कबीलों के नाम प्राप्त होते हैं जैसे भरत, पुरु, यदु, द्रहयु, अनू और तुरवासू। प्रारम्भिक वैदिक समाज में कबीलों के युद्ध जैसे कि पहले भी कहा गया है पशुओं के अपरहय एवं पशुओं की चोरी को लेकर होते रहते थे। ‘‘राजा’’ या ‘‘गोपति’’- कबीले का मुखिया ‘‘राजा’’ या ‘‘गोपति’’ होता था। वह युद्ध में नेता तथा कबीले का रक्षक था। ‘‘राजा’’ या ‘‘गोपति’’ का पद अन्य व्यावसायिक समूहों की भांति ही पैतृक नहीं था बल्कि उसका जन के सदस्यों में से चुनाव होता था। ‘राजन्य’- योद्धा को ‘राजन्य’ क...