Skip to main content

राजस्थान समसामयिक घटनाचक्र

राज्य को आवंटित कोल ब्लॉक्स को जल्द ही मिलेगी पर्यावरणीय स्वीकृति

राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम को छत्तीसगढ़ में ‘पारसा ईस्ट व केंते बेसन‘ कोल ब्लॉक्स आवंटित हुए थे, जिनको केन्द्र सरकार से पर्यावरणीय स्वीकृति मिलना निश्चित हो गया है। इन ब्लॉक्स के लिए पहले चरण की वन विभाग की स्वीकृति इस वर्ष की जुलाई में ही प्राप्त हो चुकी है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार हाल ही में नागपुर में संपन्न केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ’एक्सपर्ट अप्रेजल (ई.ए.सी.) की बैठक में इन ब्लॉक्स के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति देने पर सहमति जताई है। इस पर्यावरण स्वीकृति मिलने के साथ ही अगले 10 से 12 माह में इन ब्लॉक्स से राज्य की विद्युत परियोजनाओं के लिए कोयला प्राप्त होने लगेगा।


जोधपुर एयर बेस में तैनात होंगे सुपरसोनिक विमान सुखोई-30

भारत के अग्रिम पंक्ति के पहले सुपरसोनिक विमान सुखोई-30 की एक स्क्वॉड्रन जोधपुर एयरबेस पर एक अक्टूबर से तैनात की जा रही है। इसके साथ ही जोधपुर पश्चिम सीमा पर लड़ाकू विमान सुखोई की तैनाती वाला पहला एयरबेस हो जाएगा। सुखोई अभी बरेली, सिकंदराबाद और आसाम के तेजपुर में तैनात है। ब्रह्मोस मिसाइल ले जाने की क्षमता वाले इन सुखोई विमानों की गति 2450 किमी प्रति घंटे तक है। वर्तमान में भारत के पास 230 सुखोई हैं, जो वर्ष 2015 तक 280 हो जाएंगे। अभी हिन्दुस्तान एयरोनोटिकल और रूस की कंपनी सुखोई मिलकर इनमें जरूरत के अनुसार परिवर्तन कर सेना मे सम्मिलित कर रहे हैं। केंद्र ने हाल ही 42 और सुखोई खरीदने की स्वीकृति दी है जिन पर करीब 15 हजार करोड़ रूपए खर्च होंगे। पाकिस्तान के पास एफ-16 सुपर सोनिक और चीन के पास सु-27 विमान हैं। सुखोई-30 की क्षमता इन दोनों से ज्यादा मानी जाती है।

राजस्थान के महावीर सिंह शेखावत ने जीता मास्टर्स शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक

राजस्थान के सीकर के निशानेबाज महावीर सिंह शेखावत ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए मास्टर्स शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। हाल ही में पुणे में संपन्न हुई इस प्रतियोगिता में महावीर सिंह ने 0.32 सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में बाजी मारी। उन्होंने 600 में से 589 अंक प्राप्त किए तथा प्रथम स्थान प्राप्त किया। ओलिंपिक कोटा प्राप्त कर चुके विजयकुमार और समरेश जंग जैसे शूटर्स ने भी इस प्रतियोगिता मेँ भाग लिया था, लेकिन वे महावीर के अचूक निशानों से पार नहीं पा सके। विजय को दूसरे तथा जंग को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।विजय ने 586 तथा जंग ने 579 अंक बनाए। सीकर के कासली गांव के निवासी श्री महावीर सिंह शेखावत पिछले कई वर्षों से निशानेबाजी में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने 10 से 16 अगस्त तक पुणे में ही हुई कुमार सुरेंद्र सिंह चैंपियनशिप में दो रजत तथा एक कांस्य पदक जीता था। 2003 में महाराणा प्रताप पुरस्कार प्राप्त कर चुके महावीर कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने अब तक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में दो स्वर्ण, एक रजत तथा दो कांस्य जीते हैं। राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट्स में यह होनहार खिलाड़ी 45 स्वर्ण सहित कुल 75 पदक जीत चुका है।

Comments

Popular posts from this blog

Kaun tha Hashmat Wala Raja Rao Maldev - कौन था हशमत वाला राजा राव मालदेव

राव मालदेव राठौड़ का इतिहास | History of Rao Maldev Rathod (मालदेओ राठौड़ इतिहास)   राव मालदेव का जन्म 5 दिसंबर 1511 को हुआ था । वह अपने पिता राव गांगा को मारकर 5 जून, 1532 को जोधपुर के राज्य सिंहासन पर आसीन हुए थे । इसलिए इसे पितृहंता शासक कहते हैं। जिस समय राव मालदेव ने गद्दी संभाली, उस समय दिल्ली के शासक मुगल बादशाह हुमायूँ थे । राव मालदेव की माँ का नाम रानी पद्मा कुमारी था जो सिरोही के देवड़ा शासक जगमाल की पुत्री थी । जैसलमेर के शासक राव लूणकरण की पुत्री उमादे से राव मालदेव का विवाह हुआ था । रानी उमादे विवाह की प्रथम रात्रि को ही अपने पति से रूठ गई और आजीवन उनसे रूठी रही । इस कारण उमादे इतिहास में ‘ रूठी रानी ‘ के नाम से प्रसिद्ध हो गई । राव मालदेव की मृत्यु होने पर रानी उमादे सती हो गई । मालदेव के राज्याभिषेक के समय जोधपुर और सोजत परगने ही उनके अधीन थे। वीर और महत्वाकांक्षी राव मालदेव ने शासन संभालते ही राज्य प्रसार का प्रसार करने पर ध्यान केंद्रित किया और जल्दी ही उन्होंने सींधल वीरा को परास्त कर भाद्राजूण पर अधिकार कर लिया। साथ ही फलौदी को जैसलमेर के भाटी शास...

How to do scientific farming of fennel - कैसे करें सौंफ की वैज्ञानिक खेती

औषधीय गुणों से भरपूर है सौंफ - प्राचीन काल से ही मसाला उत्पादन में भारत का अद्वितीय स्थान रहा है तथा 'मसालों की भूमि' के नाम से विश्वविख्यात है। इनके उत्पादन में राजस्थान की अग्रणी भूमिका हैं। इस समय देश में 1395560 हैक्टर क्षेत्रफल से 1233478 टन प्रमुख बीजीय मसालों का उत्पादन हो रहा है। प्रमुख बीजीय मसालों में जीरा, धनियां, सौंफ व मेथी को माना गया हैं। इनमें से धनिया व मेथी हमारे देश में ज्यादातर सभी जगह उगाए जाते है। जीरा खासकर पश्चिमी राजस्थान तथा उत्तर पश्चिमी गुजरात में एवं सौंफ मुख्यतः गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार तथा मध्य प्रदेश के कई इलाकों में उगाई जाती हैं। हमारे देश में वर्ष 2014-15 में सौंफ का कुल क्षेत्रफल 99723 हैक्टर तथा इसका उत्पादन लगभग 142995 टन है, प्रमुख बीजीय मसालों का उत्पादन व क्षेत्रफल इस प्रकार हैं। सौंफ एक अत्यंत उपयोगी पादप है। सौंफ का वैज्ञानिक नाम  Foeniculum vulgare होता है। सौंफ के दाने को साबुत अथवा पीसकर विभिन्न खाद्य पदार्थों जैसे सूप, अचार, मीट, सॉस, चाकलेट इत्यादि में सुगन्धित तथा रूचिकर बनाने में प्रयोग कि...

Vedic Period - Early Vedic Society वैदिक काल- प्रारम्भिक वैदिक समाज

प्रारम्भिक वैदिक समाज Vedic Period - Early Vedic Society प्रारम्भिक वैदिक समाज कबीलाई समाज था तथा वह जातीय एवं पारिवारिक संबंधों पर आधारित था। प्रारम्भिक वैदिक समाज जाति के आधार पर विभाजित नहीं था एवं विभिन्न व्यावसायिक समूह अर्थात् मुखिया, पुरोहित, कारीगर आदि एक ही जन समुदाय के हिस्से थे। प्रारम्भिक वैदिक समाज में कबीले के लिए ‘जन’’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता था और ऋग्वेद में विभिन्न जन का उल्लेख है। विभिन्न कबीलों में पारस्परिक संघर्ष सामान्य थे, जैसे ऋग्वेद में ‘‘दशराज युद्ध’’ का वर्णन हुआ है और इसी युद्ध के वर्णन से हमें कुछ कबीलों के नाम प्राप्त होते हैं जैसे भरत, पुरु, यदु, द्रहयु, अनू और तुरवासू। प्रारम्भिक वैदिक समाज में कबीलों के युद्ध जैसे कि पहले भी कहा गया है पशुओं के अपरहय एवं पशुओं की चोरी को लेकर होते रहते थे। ‘‘राजा’’ या ‘‘गोपति’’- कबीले का मुखिया ‘‘राजा’’ या ‘‘गोपति’’ होता था। वह युद्ध में नेता तथा कबीले का रक्षक था। ‘‘राजा’’ या ‘‘गोपति’’ का पद अन्य व्यावसायिक समूहों की भांति ही पैतृक नहीं था बल्कि उसका जन के सदस्यों में से चुनाव होता था। ‘राजन्य’- योद्धा को ‘राजन्य’ क...