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प्राथमिक शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए लहर (LEHAR- Learning Enhancement Activity in Rajasthan) कार्यक्रम

प्राथमिक शिक्षा में विद्यार्थियों के नामांकन और ठहराव को बढ़ाने
एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सत्र 2008-09 में राजस्थान राज्य में
सर्व शिक्षा अभियान द्वारा UNICEF के सहयोग से लहर (LEHAR) कार्यक्रम
प्रारंभ किया गया। लहर का पूरा नाम Learning Enhancement Activity in
Rajasthan है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य में सर्व शिक्षा अभियान का
संचालन करने वाली "राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद, जयपुर" की ओर से चयनित
प्राथमिक विद्यालयों में विभिन्न विषयों की वर्क-बुक्स, बच्चों को सरल व
रोचक ढंग से गणित, हिन्दी व अंग्रेजी की अवधारणा स्पष्ट करने के लिए
गतिविधि आयोजन के लिए किट, विभिन्न गतिविधियों के कार्ड आदि सामग्री उपलब्ध
कराई गई। इस सामग्री से विद्यार्थी गिनती, जोड-बाकी, अंकों की पहचान,
सामान्य ज्ञान, शब्दों की पहचान आदि की सहजता से अधिगम के लिए गतिविधियाँ
आयोजित की जाती है।
लहर के प्रारंभिक चरण में राज्य के 31 जिलों के शैक्षिक दृष्टि से
पिछड़े 186 ब्लॉक के 4710 विद्यालयों तथा जयपुर शहर के 25 विद्यालयों को
शामिल किया गया। सत्र 2010-11 में यह कार्यक्रम 1432 नए विद्यालयों में भी
प्रारंभ किया गया। वर्ष 2011 के अंत तक यह कार्यक्रम राज्य के सभी 33 जिलों
सभी 237 ब्लॉक के कुल 10560 विद्यालयों में संचालित किया जा रहा है। लहर
के तहत बाल मित्र कक्ष का निर्माण भी किया गया है जिसमें गतिविधि आधारित
शिक्षण अधिगम के लिए सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
कक्षा एक व दो के बच्चों
में शिक्षा की ललक जगाने के लिए तैयार कराए गए लहर कक्ष की तीन दीवारों पर
विद्यार्थियों द्वारा कार्य करने के लिए ब्लैक बोर्ड तथा एक दीवार में
आलमारी या दराज तैयार की गई है जिनमें उनके खिलौने, फ्लैश कार्ड आदि
सामग्री रखी जाती है। जमीन पर चौकियां बिछा कर उन पर खिलौने, फ्लैश कार्ड
आदि को रख कर बालक खेल-खेल में अक्षर व संख्या ज्ञान प्राप्त करते हैं।
इसमें सीखने की कार्यप्रणाली ऐसी होती है कि बच्चा भय मुक्त, दंड मुक्त और प्रतिस्पर्धा मुक्त वातावरण में सीखता है। शिक्षक सीखने की प्रक्रिया में एक सुविधादाता (learning facilitator) के रूप में कार्य करता है। LEHAR की प्रक्रिया में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) इनबिल्ट होता है। इसी तरह LEHAR में लैंगिक समानता भी सामूहिक अधिगम प्रक्रिया में इनबिल्ट है, क्योंकि बच्चे बिना किसी चिन्ताजनक स्थिति के एक दूसरे से अपने अनुभव साझा करते हैं और सीखते हैं।
इसके अन्तर्गत प्रयुक्त गतिविधि कार्ड एवं कार्यपुस्तिकाएं वर्तमान पाठ्यपुस्तकों और पाठ्यक्रम के साथ संरेखित की जाती हैं जो विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय क्षेत्र में राज्य परिभाषित दक्षताओं (state defined competencies) को अर्जित करने में सक्षम बनाती हैं।
ये आलेख आपको कैसा लगा, कृपया अवगत कराएँ. आपके सुझावों का स्वागत है. (h) (h) (h)
ReplyDeleteGood sir
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