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राजस्थान समसामयिक घटनाचक्र

संस्थाओं को रियायती दर पर भूमि आवंटन नीति मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत

राज्य मंत्रिमंडल की दिनांक 13 अप्रैल को हुई बैठक में सार्वजनिक, चैरिटेबल एवं सामाजिक संस्थाओं को रियायती दर पर भूमि के आवंटन के संबंध में नीति को स्वीकृति प्रदान की गई।

> शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं को भूमि आवंटन के लिए विशेष रूप से इस नीति को बनाया गया है।

> इस नीति के अनुसार किसी संस्था को निःशुल्क भूमि देने का निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में होगा।

> भूमि के आवंटन में 70 प्रतिशत तक की छूट कैबिनेट सब कमेटी द्वारा दी जा सकेगी तथा 50 प्रतिशत तक की छूट संबंधित विभाग के मंत्री दे सकेंगे।

> इस नीति में स्पष्ट किया गया है कि जिन प्रकरणों में भूमि का नि:शुल्क आवंटन किया गया है, उनमें भूमि का स्वामित्व सामान्य तौर पर संस्था को हस्तांतरित नहीं कर संबंधित स्थानीय निकाय में रहेगा।

> जिन शिक्षण संस्थाओं को भूमि आवंटित की जाएगी, उसमें 25 प्रतिशत सीटें गरीबी की रेखा से नीचे के परिवारों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी।

>भू आवंटन नीति के अनुसार आवंटित भूमि पर बनने वाले अस्पताल या नर्सिंग होम में आरक्षित शैयाओं पर बीपीएल परिवारों का इलाज निम्न अनुसार नि:शुल्क करना अनिवार्य होगा-

>नि:शुल्क भूमि आवंटन पर कुल शैया की 25 प्रतिशत, आरक्षित दर के 50 प्रतिशत तक आवंटन पर 15 प्रतिशत और आरक्षित दर पर भूमि आवंटन पर 10 प्रतिशत शैया बीपीएल परिवारों के लिए आरक्षित रखनी होगी।

>इस नीति के अनुसार पांच साल में 50 करोड़ रुपए निवेश करने वाले इन संस्थानों के लिए आरक्षित दर या डीएलसी दर के पचास प्रतिशत पर भूमि का आवंटन होगा। इसी तरह 100 करोड़ रुपए निवेश करने वाले संस्थानों को आरक्षित दर या डीएलसी दर के 25 प्रतिशत दर पर भूमि मिलेगी।

> बड़े निवेश वाले संस्थानों के लिए भूमि अवाप्त कर भी आवंटित की जा सकेगी।

>आवंटन की शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं, इसके लिए संबंधित विभाग भूमि के उपयोग की नियमित जाँच करेंगे। शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में ये विभाग आवंटन करने वाले नगरीय निकाय को सूचित करेंगे और फिर राज्य सरकार से अनुमति लेकर आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

विश्वविद्यालय का नाम बदला

राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर का नाम बदल कर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय करने के प्रस्ताव को स्वीकृति राज्य मंत्रिमंडल द्वारा दिनांक 13 अप्रैल की बैठक में दी गई।

जयपुर में बनेगी निजी क्षेत्र की आई. सी. एफ. ए. आई. यूनिवर्सिटी

निजी क्षेत्र में जयपुर में आई. सी. एफ. ए. आई. यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए विधानसभा के आगामी सत्र में लाए जाने वाले विधेयक को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य-

> राजस्थान के चतुर्थ वित्त आयोग के अध्यक्ष पद पर पूर्व मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला की नियुक्ति की गई है। राज्य सरकार ने नवगठित राज्य वित्त आयोग में बी. डी. कल्ला को अध्यक्ष, राजपाल सिंह शेखावत एवं जे. पी. चन्देलिया को सदस्य तथा डॉ. पी. एल. अग्रवाल को सदस्य सचिव बनाया है। आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्य अपने अपने पद ग्रहण की तारीख से 31 दिसम्बर, 2011 तक पद पर रहेंगे।

>राजसमंद विधायक किरण माहेश्वरी को भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया।

> करौली जिले के श्री महावीरजी में जैन धर्म के 24 वें तीर्थकर भगवान महावीर स्वामी का मेला 13 अप्रैल से प्रारंभ हुआ तथा यह 19 अप्रैल तक आयोजित होगा।

> करौली जिले में स्थित राज राजेश्वरी कैलादेवी माँ के 31 मार्च से आयोजित हो रहे विशाल लक्खी मेले में एक अनुमान के मुताबिक अब तक लगभग 28 लाख श्रद्धालु कैला माँ के दर्शन मनौतियाँ मांग चुके हैं। यह मेला 18 अप्रैल तक चलेगा।

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