Tuesday, 30 August 2011

जयपुर के सेन्ट्रल पार्क पर 206 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लहराने की स्वीकृति

मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने सेन्ट्रल पार्क में म्यूजिकल फाउन्टेन के पास 206 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज की स्थापना करने की स्वीकृति प्रदान की है।
जयपुर राजस्थान का ऐसा पहला शहर है, जहां इतनी ऊंचाई पर यह ध्वज लगाया जाएगा। इससे पूर्व इस फाउन्डेशन द्वारा अन्य राज्यों हरियाणा, ओडीसा, कर्नाटक एवं केरल में भी 206 फीट ऊंचाई के ध्वज लगाये जा चुके हैं।
इस संदर्भ में गैर लाभकारी संस्था ''फ्लैग फाउन्डेशन ऑफ इण्डिया'' द्वारा जयपुर में 206 फीट ऊंचाई पर ''मोन्यूमैन्टल फ्लैग'' स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने का मुख्यमंत्री से आग्रह किया था।
फ्लैग फाउन्डेशन ऑफ इण्डिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आयुक्त, जयपुर विकास प्राधिकरण एवं वास्तुविद के साथ विभिन्न स्थानों का निरीक्षण करने के पश्चात् समस्त बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए सेन्ट्रल पार्क में म्यूजिकल फाउन्टेन के समीप स्थान को सबसे उपयुक्त पाया गया। सेन्ट्रल पार्क शहर के केन्द्र में स्थित होने से यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग इसे देख सकेंगे तथा इसमें पर्याप्त स्थान उपलब्ध होने के कारण राष्ट्रीय समारोहों के समय भी बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो सकेंगे। इस स्थान के आस-पास कोई ऊंची बिल्डिंग नहीं होने से इस भव्य गौरवपूर्ण राष्ट्रीय ध्वज को काफी दूरी से भी देखा जाना संभव हो सकेगा। सेन्ट्रल पार्क के लिए फ्लैग फाउन्डेशन ऑफ इण्डिया ने भी अपनी सहमति दी है।
फ्लैग फाउन्डेशन ऑफ इण्डिया द्वारा 206 फीट ऊंचे खंभे पर 72 x 48 फीट का राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करने एवं उस पर रोशनी आदि का कार्य करवाने के बाद यह ध्वज राज्य सरकार को सौंप दिया जायेगा। इस भव्य राष्ट्रीय ध्वज की स्थापना का कार्य 2 अक्टूबर, 2011 तक पूर्ण कराया जाना प्रस्तावित है।

Sunday, 28 August 2011

वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल हो सकते हैं राज्य के पहाड़ी किले

जयपुर के जंतर-मंतर की तरह राज्य के 5 पहाड़ी किले चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, आमेर, रणथम्भौर तथा गागरोन को भी विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के उद्धेश्य से इसे विश्व धरोहर की सूची में शामिल किए जाने के लिए कवायद शुरू हो चुकी है। पुरातत्व विशेषज्ञों ने आशा की है कि शीघ्र ही राज्य के ये किले विश्व धरोहर की सूची में शामिल हो सकते हैं। गौरतलब है कि वर्ल्ड हेरिटेज की श्रेणी के लिए राज्य के इन 5 ऐतिहासिक स्मारकों की सूची यूनेस्को को भेजी गई थी। इसी कड़ी में इन किलों के निरीक्षण के लिए यूनेस्को की टीम दिनांक 25 अगस्त को जयपुर पंहुची जहाँ वह आमेर किले के निरीक्षण के बाद अन्य किलों को भी देखेगी। स्मारक विशेष को विश्व धरोहर में शामिल कराने के लिए ऐतिहासिक स्मारक से संबंधित पुरातत्व विभाग डोजियर (बिल) तैयार करता है। बिल में मैनेजमेंट प्लान के तहत स्मारक की वैश्विक और स्थापत्य (आर्किटेक्चरल) मूल्य व मूल स्वरूप बरकरार है या नहीं जैसे कई तथ्य जुटा कर आर्कियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) को भेजता है। एएसआई टीम स्मारक का मूल्यांकन कर यूनेस्को को अनुशंसा भेजता है। इसके पश्चात यूनेस्को की तकनीकी मूल्यांकन एजेंसी “आईकोमोस” का प्रतिनिधि संबंधित स्मारक का निरीक्षण करता है तथा मानदंड व तथ्यों पर खरा उतरने पर यूनेस्को द्वारा उस स्मारक को विश्व धरोहर में शामिल कर लिया जाता है।

उपयोगी विज्ञान प्रश्नोत्तर

1. जब ईंट को पानी में डालते हैं, तो बुलबुले उठते हैं, क्योंकि-
(अ) ईंट में उपस्थित पानी के अणु बाहर निकलने लगते हैं।
(ब) पानी में हवा होती है।
(स) ईंट के सूक्ष्म छिद्रों में हवा होती है।
(द) पानी में उपस्थित हाइड्रोजन बाहर निकलने लगती है।
उत्तर- स

2. एक व्यक्ति का भार 40 किग्रा भार है। यदि वह ऐसे ग्रह पर जाता है जहाँ गुरूत्वीय त्वरण पृथ्वी की तुलना में एक चौथाई है, तब व्यक्ति का भार उस ग्रह पर होगा- (g=10 मीटर/ वर्ग सेकंड)
(अ) 1600 न्यूटन
(ब) 100 न्यूटन
(स) 10 न्यूटन
(द) 160 न्यूटन
उत्तर- ब

3. निम्नांकित में से सही युग्म है -
(अ) जमीन पर पाइप में बहता हुआ पानी - स्थितिज ऊर्जा
(ब) सिलिण्डर में संपीडित गैस - स्थितिज ऊर्जा
(स) आकाश में स्थित आवेशित बादल - चुम्बकीय ऊर्जा
(द) घड़ी की ऐंठी हुई कमानी - गतिज ऊर्जा
उत्तर- ब

4. एक व्यक्ति को 104 डिग्री F का बुखार है। उसके शरीर का तापमान डिग्री सेल्सियस में होगा-
(अ) 98.4 डिग्री
(ब) 37 डिग्री
(स) 104 डिग्री
(द) 40 डिग्री
उत्तर- द

5. आदर्श उच्चायी ट्रांसफार्मर के लिए सही कथन है-
(अ) इसकी प्राथमिक कुण्डली में फेरों की संख्या द्वितीयक कुण्डली से अधिक होती है।
(ब) इसमें निर्गत शक्ति का मान निवेशी शक्ति के बराबर होता है।
(स) इसकी द्वितीयक कुण्डली में प्राप्त प्रत्यावर्ती धारा का मान प्राथमिक कुण्डली में निवेशित धारा से अधिक होता है।
(द) इसमें भंवर धाराओं के कारण ऊर्जा हानि होती है।
उत्तर- ब

6. जब प्रकाश हवा से 1.5 अपवर्तनांक वाले काँच में प्रवेश करता है तो उसकी चाल हो जाएगी-
(अ) 3 लाख किलोमीटर/सेकण्ड
(ब) 2 लाख किलोमीटर/सेकण्ड
(स) 6 लाख किलोमीटर/सेकण्ड
(द) 1.5 लाख किलोमीटर/सेकण्ड
उत्तर- ब

7. सुमेलित कीजिए-
(क) मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) (i) उत्तल लैंस
(ख) हाइपरमेट्रोपिया (दूर दृष्टि दोष) (ii) बेलनाकार लैंस
(ग) प्रेसबायोपिया (जरा दृष्टि दोष) (iii) अवतल लैंस
(घ) ऐस्टिग्मेटिज्म (दृष्टि वैषम्य) (iv) द्विफोकसी लैंस

(अ) (क)- i, (ख)- ii, (ग)- iii (घ)- iv
(ब) (क)- ii (ख)- i (ग)- iii (घ)- iv
(स) (क)- iii (ख)- i (ग)- iv (घ)- ii
(द) (क)- iii (ख)- i (ग)- i (घ)- iv
उत्तर- स

8. निम्नांकित में से रासायनिक परिवर्तन है-
(अ) लोहे का चुम्बक में बदलना।
(ब) गोबर गैस बनना।
(स) गर्म करने पर थर्मामीटर में पारे का चढ़ना।
(द) चाँदी का पारे के साथ मिलकर सिल्वर अमलगम बनना।
उत्तर- ब

9. निम्नांकित में से सर्वाधिक आयनन विभव वाली गैस है-
(अ) हीलियम
(ब) निऑन
(स) आर्गन
(द) हाइड्रोजन
उत्तर- अ

10. प्रबल विद्युत अपघट्य का समूह निम्नांकित में से कौनसा है ?
(अ) NaOH, HCl, NaCl, CH3 COOH
(ब) CH3COOH, NH4OH, NaCl, KOH
(स) NaOH, KOH, NH4OH, Na HCO3
(द) NaOH, KOH, NaCl, HNO3
उत्तर- द

Friday, 26 August 2011

राजस्थान समसामयिकी - राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्थान लोक सेवा प्रदान करने की गारंटी विधेयक को मंजूरी
(RAS, III GRADE, II GRADE TEACHER और अन्य परीक्षा उपयोगी राजस्थान समसामयिकी-)

24 अगस्त को मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में जनसाधारण को समयबद्ध तरीके से सेवा प्रदत्त करने के उद्देश्य से राजस्थान लोक सेवा प्रदान करने की गारन्टी विधेयक 2011 को मंजूरी दी गई। इस विधेयक को इसी विधानसभा सत्रा में प्रस्तुत करने का भी निर्णय लिया गया। राज्य सरकार इस विधेयक के माध्यम से यह सुनिश्चित करने जा रही है कि प्रत्येक आम आदमी को उनके कार्यों के लिये प्रशासन को और अधिक चुस्त एवं जिम्मेदार बनाया जाये। इस विधेयक में प्रारम्भिक तौर में 15 विभागों की 53 महत्वपूर्ण सेवाओं को सम्मिलित किया गया है। अधिकारी द्वारा समयबद्ध तरीके से ये सेवाएं प्रदान नहीं करने पर उस पर 500 रूपये से 5 हजार रूपये तक की पैनल्टी तथा अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की व्यवस्था को रखा गया है। शास्ती अधिकारी के वेतन से काटी जायेगी। राजस्थान के इस प्रस्तावित विधेयक में सेवाओं का दायरा काफी व्यापक है तथा इसमें समय-समय पर और भी सेवाएं जोड़ी जायेगी। आमजन सेवा विशेष के लिये अपना प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करेगा तथा उसकी रसीद प्राप्त करेगा। जिन विभागों की सेवाएं प्रस्तावित विधेयक में स्वीकृत की गई है वे विभाग निर्धारित की गई सेवाओं के लिये अधिकारी विशेष की इसमें जिम्मेदारी निश्चित होगी। संबंधित अधिकारी विशेष इन सेवा कार्य को निर्धारित अवधि में प्रदान करना सुनिश्चित करेगा अथवा कार्य सम्पन्न नहीं करवाए जाने के कारणों को अंकित करते हुए आवेदक के प्रार्थना पत्र को अस्वीकृत करेगा। असंतुष्ट आवेदक 30 दिवस में अपनी अपील प्रथम अपील अधिकारी के यहां प्रस्तुत कर सकेगा, जो संबंधित विभाग के अधिकारी को आवेदक के कार्य को करने का आदेश देगा अथवा आवेदन को अस्वीकृत करने का निर्णय भी ले सकेगा। यदि प्रथम अपील के स्तर पर भी आवेदक का प्रार्थना पत्र अस्वीकृत किया जाता है तो आवेदक 60 दिवस में द्वितीय अपील अधिकारी के यहां अपनी अपील प्रस्तुत कर सकेगा जो कि सेवा प्रदान करने के आदेश के साथ-साथ विभाग के संबंधित अधिकारी पर शास्ती लगाने के लिये भी अधिकृत होगा। प्रस्तावित विधेयक में जिन 15 विभागों की सेवाओं को सम्मिलित किया गया है वे निम्नांकित है-
1- ऊर्जा विभाग के विद्युत कनेक्शन, विद्युत बिल ठीक करने, मीटर बदलवाने आदि,
2- पुलिस विभाग के सर्विस सत्यापन, पासपोर्ट के लिये सत्यापन, लाइसेंस नवीनीकरण आदि,
3- चिकित्सा विभाग के विकलांगता प्रमाण पत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि,
4- यातायात विभाग के वाहन चालक लाइसेंस, लाइसेंस नवीनीकरण आदि,
5- जन स्वास्थ्य विभाग के जल कनेक्शन, हैण्डपम्प मरम्मत आदि,
6- राजस्व विभाग के लैण्ड रिकोर्ड की प्रतियां उपलब्ध करवाना, कृषि भूमि नामांतरण, कन्वर्सन सेवा, जाति प्रमाणपत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, अनुसूचित जाति जनजाति प्रमाण पत्र, हैसियत प्रमाण पत्र और
7- स्थानीय निकाय के जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र, भवन व भूमि स्वीकृतियां आदि
8- नगरीय विकास एवं आवासन विभाग में नाम हस्तांतरण, दस्तावेज व मानचित्र की प्रतियां प्राप्त करना आदि,
9- खाद्य विभाग के बीपीएल/ एपीएल राशन कार्ड
10- वित्त विभाग के सेवानिवृत अधिकारी / कर्मचारी की पेंशन तथा उनकी समस्याओं के प्रकरण,
11- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के वृद्धावस्था, विधवा, विकलांगता पेंशन,
12- सार्वजनिक निर्माण विभाग के अमानत / धरोहर राशि पुनर्भुगतान आदि
13- जल संसाधन विभाग की महत्वपूर्ण सेवाएं
14- जेडीए की महत्वपूर्ण सेवाएं
15- यूआईटी की महत्वपूर्ण सेवाएं
इसके अलावा अनेक अन्य विषयों को भी सम्मिलित किया गया है।
राजस्थान नगरपालिका द्वितीय संशोधन विधेयक, 2011
राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में राजस्थान नगरपालिका संशोधन अध्यादेश 2011 द्वारा नई धारा 99 (ए) में जोड़ी गई शब्दावली को परिवर्तन करने हेतु अध्यादेश के स्थान पर विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत करने का भी निर्णय लिया गया। प्रस्तावित विधेयक की धारा 99 (ए) के प्रावधानों के अनुसार सीएजी एक्ट 1971 के अनुसार नगरीय निकायों का अंकेक्षण सीएजी द्वारा किया जा सकेगा। राज्य सरकार नगरपालिकाओं के लेखों के अंकेक्षण के संबंध में सीएजी को तकनीकी राय एवं पर्यवेक्षण का कार्य दे सकेगी। लोकल फण्ड ऑडिट की अंकेक्षण रिपोर्ट के साथ सीएजी की टीजीएण्डएस बाबत वार्षिक तकनीकी निरीक्षण रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की जा सकेगी।

Wednesday, 24 August 2011

यूनेस्को के अनुसार भारत के विश्व धरोहर स्थल

1972 में यूनेस्को की सामान्य सभा ने विश्व सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए एक कन्वेशन गठित करने का पूर्ण उत्साह के साथ एक प्रस्ताव स्वीकार किया | इसके मुख्य उद्देश्य निम्नांकित हैं –
१- विश्व सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों को परिभाषित करना |
२- विशिष्ट रूचि और वैश्विक मूल्यों वाले स्थलों एवं स्मारकों की सदस्य देशों से जानकारी प्राप्त कर सूचीबद्द करना |
३- विश्व सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के उपाय करना |
४- भावी पीढ़ी के लिए विश्व सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के खजाने के संरक्षण के लिए विभिन्न देशों एवं लोगों के मध्य सहयोग वृद्धि करने का प्रयास करना |
विश्व धरोहर स्थलों की सूची में अभी 812 सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक महत्त्व के स्थल सम्मिलित हैं | इनमें 628 सांस्कृतिक और 160 प्राकृतिक एवं 24 मिश्रित प्रकृति के धरोहर स्थलों को शामिल किया गया हैं | भारत विश्व धरोहर का 1977 से सक्रिय सदस्य है तथा अन्य अंतर्राष्ट्रीय अभिकरणों जैसे - ICOMOS (International Council on Monuments and Sites), IUCN (International Union for the Conservation of Nature and Natural Resources) और ICCROM (International Centre for the study of Preservation and Restoration of Cultural Property) के साथ सहयोग करते हुए संरक्षण कार्य कर रहा है |
भारत में 28 विश्व धरोहर स्थल हैं जिनमें से 23 सांस्कृतिक एवं 5 प्राकृतिक महत्त्व के स्थल हैं |

(अ) सांस्कृतिक स्थल (Cultural Sites )
1. अजंता गुफाएं
2. एल्लोरा गुफाएं
3. आगरा का किला
4. ताज महल, आगरा
5. कोणार्क - सूर्य मंदिर
6. महाबलीपुरम के स्मारक समूह
7. ओल्ड गोवा के चर्च और कॉन्वेंट
8. खजुराहो के मंदिर
9. हम्पी के स्मारक समूह
10. फतेहपुर सीकरी
11. पटठदकल के स्मारक
12. एलिफेंटा गुफाएं
13. महान चोल मंदिर
14. साँची बौद्ध स्तूप
15. हुमायूँ का मकबरा दिल्ली
16. कुतब मीनार एवं स्मारक दिल्ली
17. महाबोधि मंदिर बौद्ध गया
18. भीमबेटका की गुफाएं
19. चंपानेर पावागढ़ पुरातत्व पार्क
20. भारतीय पर्वतीय रेलवे
21. छत्रपति शिवाजी टर्मीनस (पूर्व विक्टोरिया टर्मीनस), मुंबईZ
22. लाल किला, दिल्ली
23. जंतर मंतर जयपुर
(ब) प्राकृतिक धरोहर ( Natural Sites )
1. काजीरंगा नेशनल पार्क
2. मानस वन अभयारण्य
3. केवलादेव नेशनल पार्क
4. सुंदरवन नेशनल पार्क
5. नंदा देवी और फूलो की घाटी नेशनल पार्क

Tuesday, 23 August 2011

राजस्थान सामान्य ज्ञान
(RAS, III GRADE, II GRADE TEACHER और अन्य परीक्षा उपयोगी राजस्थान समसामयिकी-)

‘रवींद्रनाथ टैगोर इंटरनेशनल पुरस्कार’ साहित्यकार रामपद चौधरी
को-


शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्लानिंग एंड मैनेजमेंट की ओर से 1 करोड़ रुपए का ‘रवींद्रनाथ टैगोर इंटरनेशनल पुरस्कार’ प्रारंभ किया गया है। इसका प्रथम पुरस्कार दिल्ली के बंगाली साहित्य के ख्यातिलब्ध साहित्यकार रामपद चौधरी को प्रदान किया गया है। देश में मानवीय मूल्यों के लिए कार्य करने व आर्थिक पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के उन्हें यह पुरस्कार दिया गया।

"कथा पुरूष यादवेन्द्र शर्मा 'चन्द्र' पुरस्कार" डॉ राजेन्द्र मोहन भटनागर को-

यादवेन्द्र शर्मा "चन्द्र " स्मृति न्यास की ओर से उदयपुर के उपन्यासकार डॉ. राजेन्द्र मोहन भटनागर को उनके उपन्यास "कुली बैरिस्टर" पर दिनांक 20 अगस्त 2011 को कथा पुरूष यादवेन्द्र शर्मा "चन्द्र" पुरस्कार प्रदान किया गया। बीकानेर में आयोजित किए गए एक समारोह में मुख्य अतिथि राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. बी. डी. कल्ला ने पुरस्कार के अंतर्गत डॉ. भटनागर को 11 हजार रूपए, अभिनंदन पत्र, शॉल, श्रीफल, प्रतीक चिह्न एवं साहित्य प्रदान किया गया।

निःशक्त जन का भविष्य निधि अंशदान केंद्र सरकार करेगी वहन

तीन या उससे अधिक वर्षो से कार्यरत नि:शक्त कर्मचारियों को नियोजित करने वाले नियोक्ताओं के हिस्से का भविष्य निधि अंशदान केंद्र सरकार वहन करेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय अधिकारियों ने अपने क्षेत्र में संचालित प्रतिष्ठानों से ऐसे नि:शक्त कर्मचारियों की सूची मांगी है। इस योजना में पात्र नि:शक्त अभ्यर्थी की वेतन सीमा 25 हजार रुपए से अधिक मान्य नहीं होगी। कर्मचारी को अधिकृत चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी विकलांगता का प्रमाण पत्र देना होगा। योजना में उन कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा जो एक अप्रैल 2008 या उसके बाद सेवा में लगे हैं। योजना में पूर्ण दृष्टिहीनता, कम दिखाई देना, कोढ़ जिसका इलाज हो चुका हो, बधिरता, पोलियो ग्रस्त अपंगता, अविकसित मानसिक स्थिति एवं मनोरोग वाले कर्मचारी शामिल हैं। यह सुविधा निशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी) अधिनियम 1995 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही है।
योजना के तहत लाभ तीन वर्ष के लिए मिलेगा। इसके उपरांत कर्मचारी को अपना अंश स्वयं जमा कराना होगा। इस योजना का उद्देश्य नियोक्ताओं को नि:शक्त व्यक्तियों को नौकरी देने के लिए प्रोत्साहित करना है।

केंद्रीय साहित्य अकादमी का राजस्थानी बाल साहित्य पुरस्कार हरीश बी.शर्मा को

केंद्रीय साहित्य अकादमी का राजस्थानी बाल साहित्य पुरस्कार दैनिक भास्कर, हनुमानगढ़ के संपादकीय प्रभारी हरीश बी. शर्मा को उनकी कृति ‘सतोलियो’ के लिए दिया जाएगा। पुरस्कार समारोह नवंबर में होगा। पुरस्कार के रूप में 50,000 रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। अकादमी की त्रिशूर में आयोजित बैठक में यह घोषणा की गई। शर्मा को इससे पहले नाट्य क्षेत्र में प्रतिष्ठित देवीलाल सामर पुरस्कार भी मिला है। हिंदी व राजस्थानी में समान रूप से सृजनरत शर्मा की चार कृतियां प्रकाशित हैं तथा 12 नाटकों का मंचन हुआ है। पुरस्कृत कृति में बच्चों के लिए सात राजस्थानी कहानियों का संग्रह है।

Monday, 22 August 2011

राजस्थान सामान्य ज्ञान क्विज- 22 अगस्त, 2011
(RAS, III GRADE, II GRADE TEACHER और अन्य परीक्षा उपयोगी)

1-    राजस्थान का कौनसा जिला सर्वाधिक नौ जिलों से घिरा है?
उत्तर- पाली
2-    राजस्थान की कौनसी नदी जयपुर के पास विराटनगर की पहाड़ियों से निकलकर पूर्वी भाग में बहती है?
उत्तर- बाणगंगा
3-    राजस्थान में स्थापत्य कला का जन्मदाता किसको कहा जाता है?
उत्तर- राणा कुम्भा को
4-    अकबर के नवरत्नों में शामिल राजपूताना के कवि थे-
उत्तर- अबुल फजल
5-    1862 ई. में ईसाइयों द्वारा पहला बालिका विद्यालय राजस्थान में कहां खोला गया था?
उत्तर- नसीराबाद में
6-    हाड़ौती पठार क्षेत्र का निर्माण किस से हुआ है?
उत्तर- प्रारम्भिक ज्वालामुखी चट्टानों से
7-    दक्षिणी लावा का पठार मुख्यतः किऩ जिलों में फैला हुआ है?
उत्तर- चित्तौड़गढ़, बाँसवाड़ा और झालावाड़ में
8-    भारत की खारे पानी की सबसे बड़ी झील का नाम क्या है?
उत्तर- सांभर झील
9-    खारे पानी की डीडवाना झील किस जिले में स्थित है?
उत्तर- नागौर जिले में
10-   राजस्थान में शीतकाल में होने वाली वर्षा को क्या कहते हैं?
उत्तर- मावठ (महावट)

राजस्थान के संभाग और उनमें स्थित जिले-

1. जयपुर संभाग-

जयपुर, दौसा, सीकर, अलवर और झुन्झुनूं ( 5 जिले )

2. बीकानेर संभाग-

बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू ( 4 जिले )

3. भरतपुर संभाग-

भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर ( 4 जिले )

4. अजमेर संभाग-

अजमेर, भीलवाड़ा, टौंक और नागौर ( 4 जिले )

5. कोटा संभाग-

कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ ( 4 जिले )

6. जोधपुर संभाग-

जोधपुर, जालौर, पाली, बाड़मेर, सिरोही और जैसलमेर ( 6 जिले )

7. उदयपुर संभाग-

उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ (6 जिले)

Sunday, 21 August 2011

देवस्थान विभाग राजस्थान के अधीन प्रसिद्ध मंदिर-2

देवस्थान विभाग राजस्थान के अन्य प्रसिद्ध मंदिर-
1.  श्री जगन्नाथराय जी/ जगदीश मन्दिर, जगदीश चौक, उदयपुर
2.  श्री चारभुजा जी मन्दिर, गढ़बोर तहसील- कुंभलगढ़, जिला- राजसमंद
3.  श्री रूप नारायण जी मन्दिर , सेवन्त्री, तहसील- कुंभलगढ़, जिला- राजसमंद
4.  श्री कालका माता जी मन्दिर चित्तौड़गढ़ किला, चित्तौड़गढ़
5.  श्री मंगलेश्वर जी मन्दिर, गुरजनीया, मातृकुण्डिया, तहसील- राशमी, जिला- चित्तौड़गढ़
6.  श्री नीमच माता जी मन्दिर, देवाली, उदयपुर
7.  श्री तेजा जी मन्दिर, परबतसर, नागौर
8.  श्री डाढ़ देवी माताजी मन्दिर, उम्मेदगंज, कोटा
9.  श्री कपिल मुनि जी म्ंादिर, कोलायत, बीकानेर
10.  श्री करणी माताजी मन्दिर, देशनोक, बीकानेर
11.  श्री लालेश्वर जी मन्दिर, शिवबाडी, बीकानेर
12.  श्री केशवरायजी महाराज मन्दिर, केशोरायपाटन, बून्दी
13.  श्री सथूर माताजी मन्दिर, सथूर, बून्दी
14.  श्री कृष्णाय माता मन्दिर, रामगढ़, बून्दी
15.  श्री पदमनाथ जी/सूर्य मंदिर, झालरापाटन, झालावाड
16.  श्री गंगा महारानी जी मन्दिर, भरतपुर
17.  श्री ऋषभदेव जी मन्दिर, ऋषभदेव, धुलेव, तहसील- खेरवाड़ा, जिला- उदयपुर
18.  श्री विजवा माता जी मन्दिर, आसपुर, डूंगरपुर
19.  श्री घोटिया आम्बा जी मन्दिर, बोरीगामा, जिला- बांसवाड़ा
20.  श्री चतुर्भुज जी (सिंगोलीश्याम ) मन्दिर, सिंगोली, तहसील- माण्डलगढ़, जिला- भीलवाड़ा
21.  श्री नागणेची जी मन्दिर, धड़सीसर, तालाब रोड, बीकानेर
22.  श्री माता जी मंदिर, मावलियान, आमेर, जयपुर
23.  श्री भद्रकाली जी मंदिर, हनुमानगढ़
24.  श्री बिजासन माता जी मंदिर, इन्द्रगढ़, बूंदी
25.  श्री रहना देवी जी मंदिर, ग्राम गोलीपुरा, धौलपुर
26.  श्री आवरी माता जी मंदिर,, असावरा, चित्तौड़गढ़
27.  श्री गोतमेश्वर जी मंदिर, तहसील अरनोद, प्रतापगढ
28.  श्री चोमेश्वर महादेव जी मन्दिर , चारचोमा, प. स. सूल्तानपुऱ, कोटा

देवस्थान विभाग राजस्थान के अधीन राजस्थान राज्य के बाहर स्थित प्रमुख मंदिर
1.    मन्दिर श्री राधामाधव जी, (जयपुर मन्दिर) वृन्दावन (उ.प्र)
2.    मन्दिर श्री कुशल बिहारी जी, बरसाना (उ.प्र)
3.    मन्दिर श्री गंगा महारानी जी, हरिद्वार (उत्तरांचल)
4.    मन्दिर श्री एकादशरूद्र जी, उत्तरकाशी (उत्तरांचल)
5.    मन्दिर श्री आदीविश्वेश्वरनाथ जी, वाराणसी (उ.प्र)
6.    मन्दिर श्री भैरों जी, जंतर मंतर, नई दिल्ली

देवस्थान विभाग राजस्थान के अधीन प्रसिद्ध मंदिर


देवस्थान विभाग राजस्थान के मंदिर मंडलों के अधीन प्रसिद्ध मंदिर-
1. श्रीनाथजी मंदिर, श्रीनाथद्वारा जिला- राजसमंद
2. श्री सांवलिया सेठ मंदिर, मंडफिया, जिला- चित्तौड़गढ़


देवस्थान विभाग राजस्थान के ट्रस्टों के अधीन प्रसिद्ध मंदिर-
1. श्री गलता जी ठिकाना मन्दिर- जयपुर
2. श्री सीताराम जी व वीर हनुमान जी, नांगल भरडा, तहसील- चौमू, जिला- जयपुर
3. श्री हनुमान जी मन्दिर, चांदपोल बाजार, जयपुर
4. श्री शिलादेवी जी मन्दिर, आमेर, जिला जयपुर
5. श्री गणेश जी, मोती डूंगरी, जयपुर
6. दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीरजी मन्दिर, श्री महावीरजी, हिण्डौन, जिला- करौली
7. श्री गोविन्द देव जी मन्दिर, महाराज चन्द्रमहल, बाग, जयनिवास, जयपुर
8. श्री बालाजी महाराज मन्दिर, मेहन्दीपुर, तहसील- सिकराय, जिला- दौसा
9. श्री हनुमान जी महाराज मन्दिर, पाण्डूपोल (सरिस्का), जिला अलवर
10. श्री भृर्तहरि जी मन्दिर, महाराज भृर्तहरि, जिला- अलवर
11. श्री चन्द्र प्रभुजी दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र मन्दिर, तिजारा, जिला- अलवर
12. बाबा मोहनराम जी मन्दिर, कालीखोली, मिलकपुर गुर्जर, तहसील- तिजारा, जिला- अलवर
13. श्री श्याम मन्दिर, खाटूश्याम जी, जिला- सीकर
14. श्री जीणमाता जी मन्दिर, ग्राम जीण, तहसील- दांतारामगढ़, जिला- सीकर
15. श्री शाकम्भरी माता मन्दिर, ग्राम- सिकराय, जिला-सीकर
16. श्री जानकीनाथ जी महाराज, बड़ा मन्दिर, रैवासा धाम, जिला- सीकर
17. श्री खेमी शक्ति मन्दिर, झुन्झुनूं
18. श्री बन्धे के बालाजी मन्दिर, झुन्झुनंू
19. श्री पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर तीर्थ, भैरू बाग, सरदारपुरा, जोधपुर
20. श्री सच्चियाय माता जी मन्दिर, ओसियां, जिला- जोधपुर
21. श्री चामुण्डा माता जी मन्दिर, सुंधा पर्वत, जालोर
22. श्री प्रगट संतोषी माता मन्दिर, लाल सागर, जोधपुर
23. श्री जैन श्वेताम्बर नाकोडा तीर्थ मन्दिर, मेवा नगर, तहसील, बालोतरा, जिला- बाड़मेर
24. श्री सोनाणा खेतला जी मन्दिर, तहसील देसूरी, जिला- पाली
25. श्री पार्श्व जैन श्वेताम्बर मन्दिर, जैसलमेर
26. श्री कल्याण जी, परमानन्द जी की पेढी मन्दिर, सिरोही
27. श्री रामदेव मंदिर, रामदेवरा, तहसील पोकरण, जिला- जैसलमेर
28. श्री द्वारकाधीश जी मन्दिर, कांकरोली जिला- राजसमंद
29. श्री एकलिंग जी मन्दिर, कैलाशपुरी, जिला- उदयपुर
30. बडे मथुरेश जी मन्दिर, पाटनपोल, कोटा
31. श्री खडे गणेशजी मंदिर, रंगबाडी, कोटा
32. श्री आलनिया माताजी मन्दिर, केवलनगर, झालावाड़
33. श्री रामगंज बालाजी मन्दिर, कोटा रोड, बून्दी
34. श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेेत्र मन्दिर, चांदखेड़ी, (खानपुर) जिला- झालावाड़
35. श्री कामखेड़ा बालाजी मन्दिर, कामखेड़ा, तहसील.- अकलेरा, झालावाड़
36. श्री नागेश्वर तीर्थ मन्दिर, उन्हेल, तहसील- गंगधार, जिला- झालावाड़
37. श्री सुसवाणी माताजी मन्दिर, मोरखाणा, तहसील- नोखा, जिला- बीकानेर
38. श्री गोगाजी मंदिर, गोरखटीला, गोगामेड़ी, जिला- हनुमानगढ़़
39. श्री जयश्री हनुमान चानणा धाम मन्दिर, पदमपुर, जिला- श्री गंगानगर
40. श्री सालासर बालाजी मन्दिर, तहसील- सुजानगढ़, जिला- चुरु
41. श्री इच्छापूर्ण बालाजी मन्दिर, सरदारशहर, जिला- चुरु
42. श्री कैलादेवी मन्दिर, कैला देवी, करौली
43. श्री गणेश जी मन्दिर, रणथम्भौर, जिला- सवाई माधोपुर
44. श्री चौथमाता मन्दिर, चौथ का वरवाड़ा, जिला- सवाई माधोपुर
45. श्री धुष्मेश्वर महादेव मन्दिर, षिवाड़, जिला- सवाई माधोपुर
46. श्री गढी़ सांवलदास मन्दिर, भरतपुर
47. श्री गोकुल चन्द्रमा जी मन्दिर, (पुष्टिमार्गीय) कांमा, जिला- भरतपुर
48. श्री मदन मोहन जी मन्दिर, (पुष्टिमार्गीय) महाराज कांमा, जिला- भरतपुर
49. श्री रैना देवी माता जी मन्दिर, राजाखेडा जिला- धौलपुर
50. श्री अतिशय क्षेत्र अन्देश्वर पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर, कुशलगढ़, जिला- बांसवाड़ा
51. श्री त्रिपुरा सुन्दरी माताजी मन्दिर, उमराई, तलवाड़ा, जिला- बांसवाड़ा
52. श्री नागफणी पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर, मोदर, बिछीवाड़ा, जिला- डूंगरपुर
53. श्री क्षेत्रपाल मन्दिर, खडगदा, तहसील- सागवाडा जिला- डूंगरपुर
54. श्री निष्कलंक भगवान मन्दिर श्री हरिहर जी, बैणेश्वर धाम, साबला जिला- डूंगरपुर
55. श्री ब्रहमा मन्दिर पुष्कर, जिला- अजमेर
56. श्री रंगनाथ वेणुगोपाल जी (पुराना मन्दिर) पुष्कर, जिला- अजमेर
57. श्री मसाणिया भेरूनाथ मन्दिर, राजगढ, जिला- अजमेर
58. अखिल भारतीय निम्बार्कपीठ, सलेमाबाद, तहसील- किशनगढ़, जिला- अजमेर
59. श्री देवनारायण (सवाई भोज) मन्दिर, आसीन्द, जिला- भीलवाडा
60. श्री रामनिवास धाम मन्दिर, शाहपुरा, जिला- भीलवाडा
61. श्री धनोप माता जी मन्दिर, तहसील- शाहपुरा जिला- भीलवाडा
62. श्री मीरा मन्दिर मेड़तासिटी, जिला नागौर
63. श्री चारभुजा जी महाराज (मीरा मन्दिर), मेड़तासिटी, जिला नागौर
64. श्री दधिमति माताजी मन्दिर, गोठ मांगलोद, तहसील जायल, जिला नागौर
65. श्री कल्याण जी मन्दिर, महाराज डिग्गी, जिला टोंक
66. श्री कमलेश्वर महादेव क्वालजी मन्दिर, इन्द्रगढ, जिला बून्दी

Saturday, 20 August 2011

राजस्थान सामान्य ज्ञान क्विज- 20 अगस्त, 2011
(RAS, III GRADE, II GRADE TEACHER और अन्य परीक्षा उपयोगी)

1. राजस्थान के सर्वोच्च पर्वत गुरु शिखर की ऊंचाई है-
उत्तर- 1722 मीटर

2. भारत का पहला परमाणु परीक्षण स्थल कौनसा है?
उत्तर- पोकरण (जैसलमेर) 1974

3. राजस्थान के प्राचीन राज्य सपाद लक्ष की राजधानी का नाम था-
उत्तर- शाकम्भरी

4. नोबल विजेता वैज्ञानिक सी.वी.रमन ने किस नगर को “Island of Glory” कहा था?
उत्तर- जयपुर को

5. राजस्थान का राजकीय खेल कौनसा है?
उत्तर- बास्केटबाल

6. किस नदी के प्रवाह क्षेत्र के मैदानो को छप्पन का मैदान कहते हैं?
उत्तर- माही

7. बनास नदी सवाई माधोपुर जिले में किस स्थान पर चम्बल नदी में गिरती है?
उत्तर- खण्डार के समीप

8. खेतड़ी का सिंघाना क्षेत्र किसके खनन के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर- ताँबा खनन के लिए

9. भारत का एकमात्र टंगस्टन उत्पादक क्षेत्र है-
उत्तर- डेगाना (नागौर)

10. राजस्थान के कौनसे पठार क्षेत्र का निर्माण प्रारम्भिक ज्वालामुखी चट्टानों से हुआ है?
उत्तर- हाड़ौती पठार क्षेत्र

Tuesday, 16 August 2011

राजस्थान सामान्य ज्ञान क्विज- 16 अगस्त, 2011

1. निम्नांकित में से कौन बिजोलिया किसान आंदोलन से संबंधित नहीं हैं?
(अ) सीतारामदास
(ब) विजयसिंह पथिक
(स) मोहनलाल सुखाड़िया
(द) माणिक्यलाल वर्मा
उत्तर- स

2. राजस्थान विधानसभा की वर्तमान सदस्य संख्या किस वर्ष की जनगणना पर आधारित है?
(अ) 1951
(ब) 1961
(स) 1971
(द) 1941
उत्तर- स

3. राजस्थान का पहला पाक्षिक पत्र ‘सज्जन कीर्ति सुधारक‘ कहां से प्रकाशित हुआ?
(अ) उदयपुर से
(ब) जयपुर से
(स) अजमेर से
(द) ब्यावर से
उत्तर- अ

4. निम्नांकित में से सुमेल नहीं है-
(अ) केसरी सिंह बारहठ - उदयपुर
(ब) ठाकुर गोपाल सिंह - खरवा
(स) दामोदरदास राठी -ब्यावर
(द) अर्जुनलाल सेठी -बीकानेर
उत्तर- द

5. किस संत का जन्म झालावाड़ के निकट गागरोनगढ़ में 1425 ई. में चैत्र पूर्णिमा के दिन माना जाता है?
(अ) संत दादूदयाल
(ब) संत पीपाजी
(स) संत मीराबाई
(द) संत रामानंदाचार्य
उत्तर- ब

6. संत पीपाजी के गुरु थे-
(अ) संत दादूदयाल
(ब) गोरखनाथ
(स) संत रैदास
(द) संत रामानंदाचार्य
उत्तर- द

7. राजस्थान में 1857 का विद्रोह सर्वप्रथम कहां हुआ?
(अ) नीमच छावनी में
(ब) एरिनपुरा छावनी में
(स) नसीराबाद छावनी में
(द) आउवा में
उत्तर- स

8. 1860 ई. में ईसाई मिशनरी ने प्रथम शिक्षण संस्था कहां खोली थी?
(अ) उदयपुर
(ब) जयपुर
(स) अजमेर
(द) ब्यावर
उत्तर- द

9. निम्नांकित में से किस समाज सुधारक ने राजस्थान को सर्वाधिक प्रभावित किया?
(अ) स्वामी विवेकानंद
(ब) राममोहन राय
(स) एनी बीसेंट
(द) दयानन्द सरस्वती
उत्तर- द

10. रियासतकाल में जयपुर स्थित चित्रकला संग्रहालय किस नाम से जाना जाता था?
(अ) सरस्वती चित्रालय
(ब) पोथीखाना
(स) कला निवास
(द) राज विलास
उत्तर- ब

राजस्थान समसामयिकी-
रणकपुर में पहली बार योग रिट्रीट एंड क्लासिकल डांस फेस्टिवल का आयोजन

पाली जिले के रणकपुर में पहली बार तीन दिवसीय योग रिट्रीट एंड क्लासिकल डांस फेस्टिवल का आयोजन पर्यटन विभाग की ओर से दिनांक 9 से 10 अगस्त तक किया गया। गोडवाड़ सर्किट को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए रणकपुर के प्रसिद्ध जैन मंदिर में आयोजित योग और शास्त्रीय संगीत के संगम वाले इस समारोह के आगाज में पर्यटन मंत्री बीना काक मौजूद थी। इसमें देश के ख्यातनाम कलाकारों द्वारा शाम को रणकपुर जैन मंदिर स्थित सूर्य मंदिर पर शास्त्रीय संगीत और नृत्यों की यादगार प्रस्तुति दी जिसके अंतर्गत 9 अगस्त को अदिति मंगलदास, नई दिल्ली द्वारा कथक नृत्य, 10 अगस्त को नवतेज जौहर, नई दिल्ली द्वारा भरत नाट्यम और 11 अगस्त को जयपुर घराने के गुरु गिरधारी महाराज द्वारा कथक नृत्यका प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें विदेशी पर्यटकों ने भी भाग लिया। योगाभ्यास कार्यक्रम में नई दिल्ली के प्रसिद्ध योग एवं नाट्य संस्था अभ्यास ट्रस्ट के गुरु नवतेज जौहर द्वारा योगाभ्यास कराया गया।

राजस्थान में सोने-चांदी के नए भंडार की खोज-

खनिज विभाग ने राजस्थान में सोने-चांदी के नए भंडार की खोजे हैं जिसमें डूंगरपुर जिले के पादर-अमझेरा गांव में सोना और डूंगरपुर, उदयपुर व भरतपुर जिले में चांदी के भंडार प्राप्त हुए हैं। खनिज विभाग ने सोने-चांदी के इन नए भंडारा की सूचना राज्य सरकार को दी है। प्रदेश में कुछ दिनों पूर्व बांसवाड़ा के भूकिया इलाके में खोजे के बाद पादर अमझेरा ऐसी दूसरी जगह है, जहां बड़े स्तर पर सोने के भंडारों का पता चला है। यहाँ यदि शीघ्र विस्तृत पैमाने पर खनन की योजना तैयार की जाए तो एक-दो साल में सोने का खनन शुरू हो सकता है। खनिज एवं भूगर्भ विभाग की ओर से वर्ष 2010-11 में राज्य भर में कराये गए मिनरल सर्वे एवं प्रोस्पेक्टिंग में ये नतीजे हाल ही सामने आए हैं।
डूंगरपुर के पादर-अमझेरा में सोने-चांदी दोनों की उपलब्धता के संकेत मिले हैं। वहां सोने के 0.103 से 1.33 पीपीएम होने के प्रारम्भिक संकेत मिले हैं और गहराई तक खुदाई में ये अनुपात बढ़ सकता है। खनिज विभाग के अनुसार गहराई तक खुदाई की जाए तो उपलब्धता 2 ग्राम प्रति टन तक पहुंच सकती है, जो एक बेहतर स्तर है।
डूंगरपुर के ही अमझेरा, उदयपुर जिले की खेरवाड़ा तहसील के मिठी माहुरी, चानी क्षेत्र में और भरतपुर जिले के पहाड़ी व नगर तहसील में चांदी होने के संकेत मिले हैं। बांसवाड़ा से जयपुर के बीच खनिज पदार्थो की डेलीफोल्ड बैल्ट में कई जगह सोने की उपलब्धता के संकेत मिले हैं।

राजस्थान मानवाधिकार आयोग की प्रथम अध्यक्ष "जस्टिस कांता भटनागर" का निधन

मद्रास उच्च न्यायालय की पूर्व मुख्य न्यायाधीश तथा राजस्थान मानवाधिकार आयोग की प्रथम अध्यक्ष "जस्टिस कांता भटनागर" का दिनांक 13 अगस्त शाम को उदयपुर में निधन हो गया। वे 81 वर्ष की थीं। पिछले दिनों ह्रदयाघात के बाद उनका एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। वे राजस्थान से एकमात्र महिला थीं, जो किसी उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश रही।

‘वागड बंधु भाषा मॉड्यूल प्रथम' पुस्तक के लेखक को राज्य स्तरीय पुरस्कार

शिक्षा और विकास की दृष्टि से पिछड़े वागड अंचल के लोगों को स्थानीय वागडी बोली के माध्यम से अंग्रेजी सिखाने की मुहिम के अंतर्गत डूंगरपुर के पूर्व जिला कलेक्टर एवं वर्तमान में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के राज्य परियोजना निदेशक श्री पूर्णचंद्र किशन को उनके द्वारा लिखित ‘वागड बंधु भाषा मॉड्यूल प्रथम' नामक पुस्तक के लिए स्वाधीनता दिवस पर राज्य स्तरीय पुरस्कार दिया गया।
श्री किशन को इसके तहत दस हजार का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। श्री किशन ने अपने डूंगरपुर जिला कलेक्टर के कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए वागड़ बंधु प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में आदिवासियों को स्थानीय भाषा के माध्यम से सरल तरीके से बिना शिक्षकों के सहारे अंग्रेजी की शिक्षा को देने की कल्पना को मूर्त रूप देते हुए यह पुस्तक लिखी थी जिसे अंचल में भारी लोकप्रियता मिली थी। स्थानीय वागडी बोली के सहारे अंग्रेजी सिखाने के लिए रचित ‘वागड बंधु भाषा मॉड्यूल प्रथम' नामक पुस्तक का लोकार्पण प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हाथों किया गया था। 478 पृष्ठों की इस पुस्तक को भामाशाहों के सहयोग से प्रकाशित किया गया था।

भारत तिब्बत सीमा बल के राज्य के पहले ट्रेनिंग सेंटर का शिलान्यास

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 11 अगस्त को जोधपुर के पालडी खिचियान क्षेत्र में भारत तिब्बत सीमा बल के स्थापित होने जा रहे ट्रेनिंग सेंटर का शिलान्यास किया। राजस्थान में आई टी बी पी की यह पहली यूनिट स्थापित होगी। राजस्थान के भी लगभग 5 हजार जवान आई टी बी पी में है। जोधपुर में यह यूनिट स्थापित होने पर आई टी बी पी में कार्यरत राजस्थान के जवानों को अपने प्रदेश में आकर कार्य करने का अवसर मिलेगा जबकि पहले भारत चीन सीमा के अलावा दिल्ली, मध्यप्रदेश में ही इनकी नियुक्ति हो सकती थी। प्रदेश के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। आपदा प्रबंधन, चिकित्सा सुविधाएं, स्कूल स्थापना, पशु चिकित्सा के क्षेत्रमें भी सहयोग मिलेगा। शिक्षा एवं अन्य सामाजिक दायित्व में भी आई टी बी पी का सहयोग रहेगा। आईटीबीपी की यूनिट स्थापित होने पर भर्ती भी खुलेगी। उन्होंने कहा कि देश को एयरपोर्स, आर्मी, नेवी व पेरामेडिकल फोर्स पर गर्व है। यूनिट स्थापित करने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा 200 बीघा भूमि आवंटित की गई है जिस पर 150 करोड की लागत से यूनिट का केन्द्र स्थापित होगा। पहले चरण में 46 करोड की राशि से आधारभूत कार्य करवाए जाएंगे।

चांधन फायरिंग रेंज में क्रूज मिसाइल ब्रम्होस का सफल परीक्षण

राज्य के सीमावर्ती जैसलमेर जिले के पोकरण युद्धाभ्यास क्षेत्र की चांधन फायरिंग रेंज में सेना ने जमीन से जमीन पर मार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रम्होस ( ब्रम्होस ब्लॉक-2 मिसाइल) का सफल परीक्षण 12 अगस्त को करीब पौने ग्यारह बजे किया। जमीन से जमीन पर मार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रम्होस से काल्पनिक ठिकाने पर निशाना दागा गया जो सफल रहा। राजस्थान की सीमा के नजदीक पाकिस्तान सेना के मिसाइल हल्फ के परीक्षण तथा सीमा पर चल रहे युद्धाभ्यास के मद्देनजर ब्रम्होस के परीक्षण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्रह्मोस भारत और रूस का संयुक्त उपक्रम है। ब्रम्होस मिसाइल का नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मस्कोवा नदी के नाम को मिलाकर रखा गया है। ब्रह्मोस मिसाइल ने पिछले महीने की 12 तारीख को ही अपने प्रक्षेपण के दस वर्ष पूरे किए थे। पहली ब्रह्मोस मिसाइल का प्रक्षपेण 12 जुलाई 2001 को रूस दिवस पर किया गया था।

पूर्व विधायक सुनील विश्नोई का निधन

पूर्व विधायक और महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष विजय लक्ष्मी विश्नोई के पति सुनील विश्नोई का 12 अगस्त को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में निधन हो गया। विश्रोई को ब्रेन हेमरेज के बाद 11 अगस्त को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उपचार के दौरान प्रात: 9.30 बजे निधन हो गया। विश्रोई की पार्थिव देह को श्रीगंगानगर जिले के रायसिंह नगर ले जाया गया है 13 अगस्त को उनका अंतिम संस्कार किया गया। विश्रोई के आवास पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई नेताओं ने पहुंचकर उनको श्रद्धांजलि दी और परिजनों को ढांढस बधाया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, चिकित्सा मंत्री एमादुद्दीन अहमद खान, कृषि विपणन राज्यमंत्री गुरमीत सिंह कुन्नर, राज्य सभा सांसद अश्क अली टाक, ज्ञान प्रकाश पिलानिया सहित कई नेताओं ने पूर्व विधायक सुनील विश्नोई के असामयिक निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। गहलोत ने शनिवार को यहां वैशाली नगर स्थित विश्नोई के निवास पर जाकर उनकी पार्थिव देह पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

128 वीं पैदल वाहिनी के लिए भर्ती 29 से 31 अगस्त तक

128 वीं पैदल वाहिनी (प्रादेशिक सेना) पर्यावरण, राजस्थान रिफ में जी.डी, सफाईवाला, नाई, मसालची, खाती, लोहार, रसोईया तथा लिपिक पदों के लिए भर्ती आयोजित की जायेगी । यह भर्ती 29 से 31 अगस्त तक आर.पी.सी. कॉलोनी, मोहनगढ, जिला जैसलमेर स्थित बटालियन मुख्यालय पर आयोजित होगी । इसमें राजस्थान राज्य के समस्त गौरव सेनानी (जी.डी. व ट्रेडमेन) पात्र् होंगे । इस भर्ती के लिए अभ्यार्थी की आयु 1 सितम्बर 2011 तक 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिये, सेवानिवृति की अवधि 7 वर्ष से कम, चिकित्सा श्रेणी-शेप-1 तथा चरित्र उदाहरणीय/ बहुत अच्छा होना चाहिये । लिपिक पद के लिए अतिरिक्त कंप्यूटर में विशेष योग्यता होनी आवश्यक है।

Monday, 15 August 2011

सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए विज्ञान सामान्य ज्ञान के प्रश्न

1. निम्नलिखित में से रेडियोएक्टिव तत्व नहीं है-
(अ) एस्टेटाइन
(ब) फ्रैंसियम
(स) ट्रिटियम
(द) जर्कोनियम
उत्तर- स

2. अमरीकी बहुराष्ट्रीय कंपनी मोनसाटो ने एक कीट प्रतिरोधी कपास की किस्म बनाई है जिसका भारत में क्षेत्र परीक्षण किया गया। निम्नलिखित जीवाणुओं में से एक के आविष जीन का इस पारजीनी कपास में अंतरण हुआ है?
(अ) बैसिलस सबटाईलिस
(ब) बैसिलस थूरीजिएनसिस
(स) बैसिलस एमाइलोलिक्विफैन्सिएन्स
(द) बैसिलस ग्लोब्लाई
उत्तर- ब

3. प्रकार तरंगों के वायु से काँच में जाने पर जो चर प्रभावित होते हैं, वे हैं-
(अ) तरंगदेर्ध्य, आवृति और वेग
(ब) वेग और आवृति
(स) तरंगदेर्ध्य और आवृति
(द) तरंगदेर्ध्य और वेग
उत्तर- द

4. जब पानी को 0 डिग्री सेल्सियस से 10 डिग्री सेल्सियस तक गर्म किया जाता है तो इसका आयतन-
(अ) बढ़ता है
(ब) घटता है
(स) नहीं बदलता है
(द) पहले घटता है फिर बढ़ता है
उत्तर- द

5. प्रक्रमित कोशिका मृत्यु के कोशिकाय और आणविक नियंत्रण को कहते हैं-
(अ) एर्पोप्टोसिस
(ब) काल प्रभावन
(स) अपह्रासन
(द) ऊतक क्षय
उत्तर- अ

6. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
नाभिकीय रिएक्टर में स्व पोषित श्रंखला अभिक्रिया संभव है क्योंकि-
1. प्रत्येक विखंडन अभिक्रिया में अपेक्षाकृत अधिक न्यूट्रॉन निर्मुक्त होते हैं।
2. न्यूट्रॉन विखंडन प्रक्रियाओं में तुरंत हिस्सा लेते हैं।
3. द्रुत न्यूट्रॉन ग्रेफाइट द्वारा धीमे किए जाते हैं।
4. विखंडन प्रक्रियाओं में निर्मुक्त हर न्यूट्रॉन आगे और विखंडन की शुरुआत करता है।
इन कथनों में से कौन कौनसे सही है-
(अ) 1, 2 और 3
(ब) 1 और 3
(स) 2 और 4
(द) 2, 3 और 4
उत्तर- स

7. अग्नि- II प्रक्षेपास्त्र की परास है, लगभग-
(अ) 500 किमी
(ब) 2000 किमी
(स) 3500 किमी
(द) 5000 किमी
उत्तर- ब

8. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. फीताकृमि उभयलिंगी है।
2. गोलकृमि के अलग अलग लिंग होते हैं।
3. फिलारिया सूत्रकृमि से होता है।
4. गिनीकृमि ऐनेलिड है।
(अ) 1 और 2
(ब) 1, 2 और 3
(स) 3 और 4
(द) 2, 3 और 4
उत्तर- ब


9. हाइड्रोकार्बन के अणुभारों के बढ़ते अनुक्रम के अनुसार निम्नलिखित में से कौनसा सही क्रम है?
(अ) मेथेन, एथेन, प्रोपेन और ब्यूटेन
(ब) प्रोपेन, ब्यूटेन, एथेन और मेथेन
(स) ब्यूटेन, एथेन, प्रोपेन और मेथेन
(द) ब्यूटेन, प्रोपेन, एथेन और मेथेन
उत्तर- अ

10. नाभिक के अलावा कोशिका के किस कोशिकांग में डीएनए होता है?
(अ) तारक केन्द्र
(ब) गॉल्जी उपकरण
(स) लाइसोसोम
(द) माइटोकोन्ड्रिया
उत्तर- द

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और उसका सफर



हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का प्रारूप भारत की संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को अपनाया।
तिरंगे में समान अनुपात में तीन रंगों की क्षैतिज पट्टियां हैं जिनमें गहरा केसरिया रंग सबसे ऊपर, सफेद रंग बीच में एवं हरा रंग सबसे नीचे है।

> ध्वज की लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 है।

> सफेद पट्टी के बीच में नीले रंग का चक्र है जिसे अशोक चक्र कहते हैं क्योंकि
इसका प्रारूप सम्राट अशोक द्वारा सारनाथ में निर्मित 'सिंह स्तंभ' पर बने चक्र से लिया गया है। इसका व्यास सफेद पट्टी की चौड़ाई के लगभग समान है। अशोक चक्र को "धर्म चक्र या विधि चक्र" भी कहते हैं।



> इस चक्र में 24 तीलियां हैं।

> तिरंगे के शीर्ष में स्थित गहरा केसरिया रंग देश की शक्ति और साहस को दर्शाता है।

> मध्य में स्थित श्वेत पट्टी धर्म चक्र के साथ शांति और सत्य का संकेत है।

> हरा रंग देश के शुभ, विकास और उर्वरता को दर्शाता है।



तिरंगे का सफर-



> हमारे राष्‍ट्रीय ध्‍वज का विकास स्‍वतंत्रता के राष्‍ट्रीय संग्राम के दौरान प्रारंभ हुआ। आज के इस रूप तक पहुँचने के लिए यह अपने आरंभ से अंत तक अनेक दौर एवं परिवर्तनों से गुजरा। जिसके प्रमुख तथ्य निम्नांकित हैं-

> भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज की अभिकल्‍पना करने वाले व्यक्ति- पिंगली वैंकैयानन्‍द।

> भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को इसके वर्तमान स्‍वरूप में 22 जुलाई 1947 को आयोजित भारतीय संविधान सभा की बैठक के दौरान अपनाया गया था।



>प्रथम राष्‍ट्रीय ध्‍वज 7 अगस्‍त 1906 को पारसी बागान चौक (ग्रीन पार्क) कलकत्ता में फहराया गया था। इस ध्‍वज को लाल, पीले और हरे रंग की क्षैतिज पट्टियों से बनाया गया था।

> द्वितीय ध्‍वज को पेरिस में "मैडम कामा" एवं 1907 में उनके साथ निर्वासित किए गए कुछ क्रांतिकारियों द्वारा फहराया गया था (कुछ के अनुसार 1905 में)। यह भी पहले ध्‍वज के समान था सिवाय इसके कि इसमें सबसे ऊपर की पट्टी पर केवल एक कमल था किंतु सात तारे सप्‍तऋषि को दर्शाते हैं। यह ध्‍वज बर्लिन में हुए समाजवादी सम्‍मेलन में भी प्रदर्शित किया गया था।

> तृतीय ध्‍वज 1917 में डॉ. एनी बीसेंट और लोकमान्‍य तिलक ने घरेलू शासन आंदोलन के दौरान फहराया।
इस ध्‍वज में 5 लाल और 4 हरी क्षैतिज पट्टियां एक के बाद एक थी और सप्‍तऋषि के अभिविन्‍यास में सात सितारे बने हुए थे। बाईं और ऊपरी किनारे पर (खंभे की ओर) यूनियन जैक था। एक कोने में सफेद अर्धचंद्र और सितारा भी था।



> 1921 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सत्र के दौरान बेजवाड़ा (अब विजयवाड़ा) आंध्र प्रदेश के एक युवक ने एक झंडा बना कर गांधी जी को दिया। यह लाल व हरे दो रंगों का बना था जो दो प्रमुख समुदायों हिन्‍दू एवं मुस्लिम का प्रतिनिधित्‍व कर रहे थे। तब गांधी जी ने सुझाव दिया कि भारत के शेष समुदाय का प्रतिनिधित्‍व करने के लिए इसमें एक सफेद पट्टी और राष्‍ट्र की प्रगति का संकेत देने के लिए एक चलता हुआ चरखा भी होना चाहिए।

> वर्ष 1931 तिरंगे के इतिहास में अत्यधिक महत्व रखता है क्योंकि इस वर्ष तिरंगे ध्‍वज को हमारे राष्‍ट्रीय ध्‍वज के रूप में अपनाने के लिए एक प्रस्‍ताव पारित किया गया । इस ध्‍वज में ऊपर केसरिया, मध्य में सफेद तथा सबसे नीचे रहा रंग था और मध्‍य में गांधी जी का चरखा अंकित था। साथ ही यह स्‍पष्‍ट रूप से बताया गया इसका कोई साम्‍प्रदायिक महत्‍व नहीं था। यही ध्वज भारतीय राष्ट्रीय सेना का संग्राम चिह्न भी था।

> 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने इसे मुक्‍त भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज के रूप में अपनाया। स्‍वतंत्रता मिलने के बाद इसके रंग और उनका महत्‍व बना रहा। केवल ध्‍वज में चलते हुए चरखे के स्‍थान पर सम्राट अशोक के धर्म चक्र को दिखाया गया।

> राष्ट्रीय ध्‍वज को फहराने तथा इसका सम्मान करने के लिए एक संहिता भी बनाई गई है जिसे भारतीय ध्वज संहिता कहते हैं। इसमें 26 जनवरी, 2002 में संशोधन किया गया था।

Sunday, 14 August 2011

तरूण क्रांति पुरस्कार-2011

उदयपुर के बीएन कॉलेज ग्राउंड में हुए समारोह में क्रांतिकारी राष्ट्रसंत जैन मुनि तरूण सागर के सानिध्य में 10 Aug 2011 को तरूण क्रांति मंच नई दिल्ली की ओर से प्रथम तरूण क्रांति पुरस्कार-2011 प्रदान किए गए जो निम्नांकित है-
1. प्रथम तरूण क्रांति साहित्य पुरस्कार-  प्रख्यात विचारक व लेखक गुलाब कोठारी (पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक)
2.तरूण क्रांति शाकाहार व जीवदया पुरस्कार-  पीपुल फॉर एनिमल की प्रमुख व सांसद मेनका गांधी
3. तरूण क्रांति जैन रोल मॉडल पुरस्कार-  कर्नाटक के प्रख्यात समाजसेवी पद्मभूषण डॉ. डी. वीरेन्द्र हेगड़े

कोठारी, मेनका व हेगड़े को पुरस्कार स्वरूप 51-51 हजार रूपए नकद, सम्मान पत्र और अन्य उपाधियां प्रदान की गई। पुरस्कार प्राप्त करने वाली तीनों विभूतियों ने पुरस्कार राशि मेनका गांधी के माध्यम से उदयपुर की एनिमल एड ट्रस्ट को पशु-पक्षियों के कल्याण के लिए सहयोग के रूप में प्रदान की।

राजस्थान सामान्य ज्ञान क्विज- 14 अगस्त, 2011

1. राजस्थान का अनुसूचित जनजाति जनसंख्या में भारत में कौनसा स्थान है?
उत्तर- छठा
2. जनजातियों की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण जिला कौनसा है?
उत्तर- उदयपुर
3. राज्य का सर्वाधिक 13 तहसील वाले जिले का नाम क्या है?
उत्तर- जयपुर
4. राज्य का सर्वाधिक गर्म स्थान कौनसा है?
उत्तर- चूरू
5. राजस्थान का सर्वाधिक आर्द्र जिला कौनसा है?
उत्तर- झालावाड़
6. राजस्थान के सर्वाधिक आर्द्र स्थान का नाम क्या है?
उत्तर- माउण्ट आबू
7. कोटा-बूँदी का समीपवर्ती प्रदेष 19 वीं शताब्दी से पूर्व किस नाम से जाना जाता था?
उत्तर- हयहय के नाम से
8. क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा संभाग कौनसा है?
उत्तर- जोधपुर
9. क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे छोटा संभाग कौनसा है?
उत्तर- भरतपुर
10. राजस्थान का प्रथम संपूर्ण साक्षर जिला कौनसा है?
उत्तर- अजमेर
11. राजस्थान के सर्वाधिक तहसील किस जिले में है?
उत्तर- जयपुर जिले में
12. राजस्थान में सर्वाधिक पंचायत समिति किस जिले में है?
उत्तर- अलवर जिले में
13. किस जिले की अन्तरराष्ट्रीय सीमा रेखा अन्य सभी सम्बद्ध जिलों से लम्बी है?
उत्तर- जैसलमेर जिले की
14. राजस्थान के किस जिले की सीमा सर्वाधिक जिलों को स्पर्ष करती है?
उत्तर- पाली जिले की
15. राजस्थान के पूर्ण मरुस्थल वाले जिले कौनसे है?
उत्तर-जैसलमेर व बाड़मेर

राजस्थान के जिलों की सूची-

01. अजमेर
02. अलवर
03. बाड़मेर
04. बारां
05. बाँसवाड़ा
06. बीकानेर
07. बून्दी
08. भरतपुर
09. भीलवाड़ा
10. चित्तौड़गढ़
11. चूरू
12. डूँगरपुर
13. दौसा
14. धौलपुर
15. श्री गंगानगर
16. हनुमानगढ़
17. जयपुर
18. जैसलमेर
19. जालोर
20. जोधपुर
21. झुंझुनूं
22. झालावाड़
23. कोटा
24. करौली
25. नागौर
26. पाली
27. राजसमंद
28. सिरोही
29. सीकर
30. सवाई माधोपुर
31. टोंक
32. उदयपुर
33. प्रतापगढ़

परीक्षा उपयोगी विज्ञान प्रश्नोत्तरी

1. कौनसा तंत्र शरीर की क्रियाओं पर नियंत्रण करने वाला तंत्र है ?
(अ) श्वसन तंत्र
(ब) पाचन तंत्र
(स) तंत्रिका तंत्र
(द) अंतःस्रावी तंत्र
उत्तर- स
2. प्रतिवर्ती क्रियाओं पर नियंत्रण करने वाला अंग है-
(अ) वृक्क
(ब) मेरुरज्जु
(स) हृदय
(द) आमाशय
उत्तर- ब
3. पीयूष ग्रंथि कहां पाई जाती है?
(अ) मेरुरज्जु में
(ब) हृदय में
(स) मस्तिष्क में
(द) वृक्क में
उत्तर- स
4. थायराक्सिन नामक हारमोन की कमी से होने वाला रोग है-
(अ) गलगंड
(ब) डाइबिटिज
(स) हैजा
(द) हैपेटाइटिस बी
उत्तर- अ
5. एड्रिनल ग्रंथि कहां वृक्क में पाई जाती है ?
(अ) मेरुरज्जु में
(ब) गर्दन में
(स) मस्तिष्क में
(द) वृक्क में
उत्तर- द
6. इंसुलिन हारमोन उत्पन्न करती है-
(अ) अग्नाशय ग्रंथि
(ब) थाइराइड ग्रंथि
(स) पीयूष ग्रंथि
(द) वृषण
उत्तर- अ
7. कौनसी ग्रंथि को मास्टर ग्रंथि कहलाती है ?
(अ) अग्नाशय ग्रंथि
(ब) थाइराइड ग्रंथि
(स) पीयूष ग्रंथि
(द) वृषण
उत्तर- स
8. वयस्क मनुष्य में अस्थियों की संख्या होती है-
(अ) 106
(ब) 276
(स) 176
(द) 206
उत्तर- द
9. सर्वाधिक अस्थियाँ पाई जाती हैं-
(अ) हाथ में
(ब) पैर में
(स) मस्तिष्क में
(द) फेफड़ो में
उत्तर- अ
10. मनुष्य की खोपड़ी में कितनी अस्थियाँ होती हैं-
(अ) 16
(ब) 22
(स) 17
(द) 20
उत्तर- ब

Sunday, 7 August 2011

राजस्थान समसामयिक घटनाचक्र-
केयर्न इंडिया को मिला विश्व प्रतिष्ठित “सुपरब्रांड“

राजस्थान में देश का विगत दो दशकों का सबसे बड़ा जमीनी तेल और गैस के मंगला तेल क्षेत्र की खोज का तोहफा देने वाली कंपनी केयर्न इंडिया ने विश्व प्रतिष्ठित “सुपरब्रांड“ का स्तर प्राप्त कर लिया है।
गत दिनों नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में केयर्न इंडिया के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन, अफेयर्स व सी.एस.आर. निदेशक श्री मनु कपूर ने योजना आयोग के उपाध्यक्ष डाँ. मोंटेक सिंह अहलुवालिया से यह सम्मान ग्रहण किया। इस सम्मान के साथ ही केयर्न इंडिया उस विशिष्ठ क्लब में सम्मिलित हो गई है, जिसमें रिलायंस, ओ. एन. जी. सी. तथा एल एंड टी सम्मिलित हैं।
गत दिनों केयर्न ने इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के परिणामों की घोषणा करते हुए उम्मीद से अधिक लाभ की घोषणा की थी। इस कंपनी द्वारा राजस्थान के मंगला क्षेत्र से उत्पादन को लगभग एक साल पूर्व सवा लाख बैरल तेल प्रतिदिन के स्तर पर पहुँचाया था। इस कंपनी ने 27 सौ करोड़ रुपए से अधिक का सकल लाभ घोषित किया है। राजस्थान के अलावा गुजरात के केम्ब बेसिन में और आन्ध्र प्रदेश के राव क्षेत्र से भी यह कंपनी उत्पादन कर रही है।

क्या है सुपर ब्रांड-

व्यवसाय की एक विशिष्ठ अवधारणा के रूप में सन् 1993 में सुपर ब्रांड की शुरुआत की गयी थी तथा ये उन ब्रांड्स को आमंत्रण के आधार पर चयनित करता है जो सबसे अधिक प्रभावी हैं और उद्योग जगत के साथ समाज में अपना प्रभाव रखते हैं। वर्तमान में सुपर ब्रांड एक बहुराष्ट्रीय प्रकल्प के रूप में विकसित हो चुका है और इसकी उपस्थिति अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और एशिया के 86 देशों में है। भारत में सुपर ब्रांड 2003 में पहुंचा और यहाँ चयन के लिए कड़ी प्रक्रिया अपनाई जाती है। उपभोक्ता, व्यवसाय और लक्जरी श्रेणी में दुनिया के सबसे जाने-माने सुपर ब्रांड्स की विशिष्ठ जमात में शामिल होने के लिए कडे मापदंडों का इस्तेमाल होता है तथा केवल आमंत्रण के द्वारा ही इस खिताब को प्राप्त किया जा सकता है। सुपर ब्रांड के लिए आवेदन या स्व नामांकन नहीं किया जाता बल्कि सबसे प्रभावी ब्रांड्स को विशेषज्ञों द्वारा चयनित किया जाता है।


विशेष पिछड़ा वर्ग के लिये 41 छात्रावास इसी शैक्षणिक सत्र से

5 अगस्त को मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने विशेष पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए राज्य में प्रारंभ की गई देवनारायण योजना के तहत 200 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज के अन्तर्गत 41 छात्रावासों को इसी शैक्षणिक सत्र से किराए के भवनों में चलाने की अनुमति प्रदान की है।
इसके साथ ही विशेष पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए छात्रावासों के संचालन पर इस वित्तीय वर्ष में 5 करोड़ 50 लाख रुपए की स्वीकृति भी दी है।
इस विशेष पैकेज के तहत बूंदी, अजमेर, करौली, एवं पाली में तीन-तीन, जयपुर, भरतपुर, दौसा, सवाईमाधोपुर, टौंक, भीलवाड़ा, जालौर एवं सिरोही में दो-दो, धौलपुर, अलवर, चित्तौडगढ़, राजसमन्द, सीकर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, नागौर, झालावाड़, बारां, कोटा एवं बाडमेर में एक-एक छात्रावास खोला जाना अनुमोदित किया गया है।


भारत की सुनीता कृष्णन को वाइटल वायसेज ग्लोबल लीडरशिप पुरस्कार

भारत हैदराबाद की सुनीता कृष्णन को वाइटल वायसेज ग्लोबल लीडरशिप पुरस्कार 2010 के मानवाधिकार सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान अमेरिका के कनेडी सेंटर में 13 अप्रैल 2011 को दिया गया। इस क्रम में यह 10 वां वार्षिक पुरस्कार है। सुनीता कृष्णन को यह सम्मान भारत में महिलाओं एवं लड़कियों की तस्करी के विरुद्ध किए गए योगदान के लिए दिया गया। आंध्रप्रदेश के हैदराबाद की सुनीता गैर सरकारी संस्था प्राज्ज्वला की सहसंस्थापक है।

पावरलूम को प्रोत्साहन देने के लिए निवेश संवर्धन पैकेज

राज्य सरकार ने जोधपुर, पाली और बाड़मेर जिलों में पावरलूम क्षेत्र में नए उद्यमों में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए पैकेज की घोषणा की है। राजस्थान निवेश संवर्धन स्कीम -2010 के खंड 15 के तहत उक्त जिलों में लगने वाले नए पॉवरलूम उद्यमों को पैकेज दिया जाएगा। वित्त विभाग ने पिछले माह एक आदेश इस संबंध में जारी किया है। पैकेज तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा और यह 30 अगस्त, 2020 तक लागू रहेगा। इस आदेश की प्रमुख बातें निम्नांकित हैं-

>राज्य सरकार के आदेश के अनुसार यह पैकेज पावरलूम क्षेत्र में स्थापित होने वाले नए उद्यमों के लिए ही मान्य होगा।

> इसमें यह शर्त भी है कि ऐसे उद्यमों को वाणिज्यिक उत्पादन 31 अगस्त, 2013 तक प्रारंभ करना होगा।

> इस पैकेज में अधिसूचित जोधपुर, पाली और बाड़मेर जिलों में नए पावर लूम उद्यमों को स्थापित करने पर ही दिया जाएगा।

> इन जिलों में नए पावरलूम इकाइयों को विद्युत शुल्क, जमीन पर टैक्स, जमीन खरीदने या लीज पर लेने पर स्टॉप शुल्क में छूट दी प्रदान की जाएगी। यह छूट राजस्थान निवेश संवर्धन स्कीम- 2010 के तहत दी जाएगी।

> पैकेज के तहत पात्र पॉवरलूम उद्यमों को वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने के बाद से सात वर्ष तक सूती धागे पर मौजूदा मूल्य वर्धित कर (वैट) की दरों में 80 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।

> वे उद्यम जौ पैकेज के तहत लाभ प्राप्त करेंगे, उन्हें आरआईपीएस- 2010 की शर्तों का पालन करना होगा।

> ऐसे उद्यम जो पैकेज का फायदा उठा रहे है वे आरआईपीएस- 2010 के तहत मिलने वाले अन्य लाभ नहीं ले सकेंगे।

> उद्यमों को टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन फंड (टीयूएफ) के तहत अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना होगा।

> इसके अलावा उद्यमों को कम से कम 25 लाख रुपए का निवेश करने के साथ न्यूनतम 10 कर्मचारियों को रखना होगा।

> इन उद्यमों को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जीरो डिस्चार्ज प्रमाण पत्र भी लेना होगा।

Saturday, 6 August 2011

राज्य स्तरीय परिवार कल्याण प्रोत्साहन पुरस्कार 2010-11

विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई के अवसर पर जयपुर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री ए.ए.खान (दुर्रू मियां) ने परिवार कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए राज्य स्तरीय परिवार कल्याण प्रोत्साहन पुरस्कार 2010-11 वितरित किए।

इसके अंतर्गत राज्य स्तर पर पाली के जिला कलक्टर नीरज के. पवन को प्रथम पुरस्कार के रूप में 30 लाख की राशि का चैक व प्रशस्ति पत्र, बारां जिला कलक्टर नवीन जैन को द्वितीय पुरस्कार के रूप में 20 लाख रुपए व प्रशस्ति पत्र तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में चित्तौड़गढ़ के जिला कलक्टर रवि जैन को 10 लाख रुपए के चैक व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने इसी क्रम में पंचायत समिति निम्बाहेडा, सुमेरपुर व तलवाडा को क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने ग्राम पंचायत दौलाडा (बून्दी), सियाखेडी (प्रतापगढ) और मुसालिया (पाली) को भी क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया। परिवार कल्याण के क्षेत्र में ही सरकारी चिकित्सालयों में उल्लेखनीय कार्य करने के उपलक्ष्य में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बडगांव (उदयपुर), निजी चिकित्सा संस्थान के क्षेत्र में गोयल नर्सिंग होम, बारां व गैर सरकारी संगठन की श्रेणी में मेरी स्टोप्स इण्डिया, जयपुर को सम्मानित किया गया।

उदयपुर के शिल्पग्राम में लोक औषधि उद्यान प्रारंभ

आदिवासी अंचल में पारंपरिक संस्कृति के अलावा पारंपरिक वैज्ञानिक ज्ञान भी बिखरा पड़ा है। इनमें से एक क्षेत्र है पारंपरिक औषधियों का। आदिवासी अंचल में गाँवों में कुछ ऐसे व्यक्ति होते हैं जिन्हें पारंपरिक लोक औषधियों का विषद् ज्ञान होता है। इन लोगों को "ज्ञानी या गुणी" कहते हैं। आदिवासी अंचल के ज्ञानी तथा गुणियों को इन जड़ी बूटियों के बारे में गहरी जानकारी होती है। उन्हें इन लोक औषधियों के पनपने की परिस्थितियों, उनके औषधीय गुणों व प्रयोग की विधि के बारे में सटीक अनुभव होता है। इन ज्ञानी और गुणियों के पारंपरिक ज्ञान का संग्रह करने तथा इसे प्रकाश में लाने का कार्य कतिपय स्वयंसेवी संस्थाएँ कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उदयपुर स्थित"पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (वेस्ट जोन कल्चरल सेंटर)" द्वारा 50 दुर्लभ प्रजातियों के साथ अपने हवाला ग्राम स्थित 'शिल्पग्राम' में संभवतः प्रदेश का पहला लोक औषध उद्यान (फोक मेडिसिन गार्डन) विकसित कर उठाया है। यह उद्यान यहां आने वाले पर्यटकों एवं आम जनता को ग्रामीण आदिवासियों तथा अन्य जानकार लोगों के स्वास्थ्य देखभाल तंत्र (हेल्थ केयर सिस्टम) से प्रत्यक्ष करवाने के साथ साथ पारंपरिक जड़ी बूटियों तथा उनसे होने वाले लाभ की भी जानकारी कराएगा। इस उद्यान में लोक औषधियों को उपजाने, विकसित करने, सार - संभाल करने एवं दुर्लभ प्रजातियों की संख्या बढ़ाने का दायित्व भी उन्हीं ग्रामीण जड़ी बूटियों के ज्ञानी और गुणियों को दिया गया है जो इसके अनुभवी हैं। केंद्र निदेशक के अनुसार प्रदेश में लोककलाओं और संस्कृति पर ही अत्यधिक ध्यान दिया गया है, लेकिन फोक मेडिसिन की तरफ किसी का अत्यंत कम ध्यान दिया गया है। उदयपुर से ही इसकी शुरुआत की गई है।
दुर्लभ लोक औषधियों के इस पहले संग्रह के प्रथम चरण में जेट्रोफा, अश्वगंधा, सतावर, गुड़मार, गिलोय, सफेद मूसली आदि विभिन्न जड़ी बूटियां लगा कर यह उद्यान शुरू किया गया है। आगामी दो से तीन माह में इसमें 100 से अधिक दुर्लभ लोक औषधियों को जोड़ दिया जाएगा। इन औषधियों का लाभ स्थानीय लोग भी उठा सकते हैं। इस उद्यान इनसे जुड़ी जानकारी, उनसे होने वाले लाभ, बनाए जाने वाले औषधि तत्व आदि की जानकारी ज्ञानी और गुणियों द्वारा ही दी जाएगी। इस योजना में शिल्पग्राम में एक अलग से विभाग से शुरू किया जाएगा। जहां से पर्यटकों और अन्य निवासियों को इस लोक औषधियों की विस्तृत जानकारी के साथ लाभ भी मिल सकेगा।

Wednesday, 3 August 2011

राजीव गांधी आवास योजना के अन्तर्गत राजस्थान के छह बड़े शहरों का चयन

शहरी इलाकों को झुग्गी झोपड़ियों से मुक्ति दिलाने और गरीबों को घर देने की मदद के लिए भारत सरकार ने एक लाख से अधिक की आबादी वाले 250 शहरों में महत्त्वाकांक्षी राजीव गांधी आवास योजना के पहले चरण को लागू किया गया है। योजना से झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले तीन करोड़ से अधिक लोगों को फायदा मिलेगा। सरकार ने इन शहरी गरीबों को आवास ऋण उपलब्ध कराने के लिए 1,000 करोड़ रुपए का एक आवास ऋण जोखिम गारंटी कोष बनाने का भी निर्णय किया है। इससे गरीबों को बैंकों से आवास ऋण दिलाने में मदद मिलेगी। योजना में राज्य सरकारों के साथ साथ निजी डेवलपर्स को भी जोड़ा जाएगा। एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत इस योजना में बनने वाले मकानों का संपत्ति अधिकार उनके मालिकों को दिया जाएगा।

प्रदेश में इस योजना के तहत छ: बड़े शहरों जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर एवं उदयपुर का चयन किया गया है तथा इनमें राजीव आवास योजना का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए इन शहरों में कच्ची बस्तियों के सर्वे का कार्य अंतिम चरण में है।

राज्य के इन छह बड़े शहरों को स्लम मुक्त करने के लिए आगामी पांच वर्षों में राज्य कोष पर 2900 करोड़ रू. का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

राज्य के स्वायत्त शासन मंत्री श्री शांति धारीवाल ने दिनांक 30 जुलाई को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राजीव आवास योजना पर राज्यों के शहरी विकास मंत्रियों के सम्मेलन में सुझाव दिया कि राजीव गांधी आवास योजना के लिए एकीकृत आवास एवं स्लम डवलपमेंट (आई.एच.एस.डी.पी.) कार्यक्रम के पैटर्न पर केंद्रीय अंशदान को 50 प्रतिशत बढ़ाकर 80 प्रतिशत किया जाना चाहिए। साथ ही योजना की क्रियान्वति के लिए केंद्र से एक मुश्त राशि देने के अलावा राज्यों को इसे लागू करने के लिए पूरी छूट प्रदान करनी चाहिए।
श्री धारीवाल ने बताया कि राज्य के छह शहरों की स्लम मुक्त नगर योजना बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 562.30 लाख रू. की राशि में से प्रथम किश्त के रूप में 281.15 लाख रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत का सपना है कि देश में शिक्षा के अधिकार और खाद्य सुरक्षा आदि के समान ही ‘‘राईट टू शेर्ल्टर’’ कानून भी बने, ताकि देश के हर परिवार को अपना घर सुलभ हो सके।

Tuesday, 2 August 2011

राजस्थान की योजनाएँ-
जननी शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम

जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए परिवार नियोजन के साथ साथ शिशु व मातृ मृत्युदर को कम करना आवश्यक है। शिशु व मातृ मृत्युदर को कम करने के लिए यह आवश्यक है कि प्रसव संस्थागत (अस्पताल में) हो। संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने के लिए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएँ चलाई जा रही है जिनमें एक "जननी शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम" है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा समाचार पत्रों में प्रकाशित जानकारी के अनुसार प्रदेश में शिशु व मातृ मृत्युदर को कम करने के उद्देश्य से शुरू किए गए "जननी शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम" के अन्तर्गत निम्नांकित प्रमुख सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाने का प्रावधान है-

> समस्त गर्भवती महिलाओं को राजकीय चिकित्सा संस्थानों में डिलीवरी के लिए जाने एवं पुनः अपने घर लौटने हेतु निःशुल्क परिवहन व्यवस्था सुलभ कराई जाएगी।

> इस कार्यक्रम में समस्त प्रसूताओं को निःशुल्क दवाइयां, निःशुल्क जांच सुविधा, निःशुल्क रक्त चढ़ाने से संबंधित समस्त जांच व उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

> सामान्य डिलीवरी की स्थिति में प्रसूताओं एवं नवजात शिशुओं को तीन दिन एवं सिजेरियन डिलीवरी की स्थिति में 7 दिन तक अस्पताल में रखकर निःशुल्क गर्म भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा।

> इसके अंतर्गत नवजात शिशुओं को 30 दिन की अवधि तक राजकीय चिकित्सा संस्थान में लाने-ले जाने के लिए परिवहन, दवा, जांच इत्यादि की निःशुल्क व्यवस्था की जाएगी।

प्रदेश में शिशु व मातृ मृत्युदर को कम करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम को पूर्ण गम्भीरता से लागू किया जा रहा है। प्रदेश में शिशु मृत्युदर 65 से कम होकर अब 59 हो गई है। इसमें और कमी लाने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। लगभग दो-तिहाई नवजात शिशुओं की मृत्यु उनके जन्म के 24 घंटे की अवधि में ही हो जाती है। इस समस्या को हल करने का प्रयास इसमें किया जाएगा।

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